भारत के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी की विकेट कीपिंग की जब बात आती है तो अच्छे से अच्छा विकेट कीपर भी उनके सामने फीका मालूम पड़ता है. विकेट कीपिंग में धोनी अपने आप में एक इंस्टीट्यूशन हैं. ऐसा हम नहीं कह रहे हैं, बल्कि ऐसा कहना है भारत के पूर्व फील्डिंग कोच आर श्रीधर का. उन्होंने हाल ही में यह बयान दिया. श्रीधर ने सोनी स्पोर्ट्स से बातचीत में कहा, ‘धोनी विकेट कीपिंग की दुनिया में एक पूरा संस्थान हैं. वह किसी किताब का कोई चैप्टर नहीं बल्कि पूरी किताब हैं.’ धोनी और श्रीधर ने टीम इंडिया में साथ काम किया है.
आर श्रीधर ने आगे कहा, ‘धोनी की गेम अवेयरनेस काबिल-ए-तारीफ है. ऐसा नहीं है कि आज से 10 साल पहले भी धोनी का खेल ऐसा ही था. जब उन्होंने भारत के लिए खेलना शुरू किया था या फिर 2011 में जब उन्होंने विश्व कप जीता था, उस समय उनका खेल काफी अलग था. वह हर गेम के साथ बेहतर हुए हैं.’ धोनी ने 2020 में इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास ले लिया था. वे हालांकि अभी आईपीएल खेल रहे हैं.
धोनी की नकल न करें युवा खिलाड़ी!
धोनी के खेल की कई युवा खिलाड़ी नकल करते हैं. ऐसे सभी खिलाड़ियों को श्रीधर ने चेताया है. उन्होंने कहा, 'उनकी नकल करने का प्रयास बिल्कुल भी ना करें. उनकी तकनीक काफी अलग है. उन्होंने यह तकनीक कई लाख गेंदों पर विकेट कीपिंग करके बनाई है. अगर आप स्लो मोशन में भी देखें तो जब गेंद को लपकने के लिए उनके हाथ आगे जा रहे होते हैं तब उनकी कलाई पीछे की तरफ जा रही होती हैं. वह एक महान खिलाड़ी हैं, उस तकनीक के साथ सिर्फ वह ही खेल सकते हैं. इसलिए मैं सभी युवाओं को सलाह दूंगा कि उनकी नकल न करें.'
धोनी ने अपने अंतरराष्ट्रीय करियर में 538 मैच खेले हैं जिसमें उनके नाम 195 स्टंपिंग हैं. अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में किसी भी विकेट कीपर के द्वारा यह सबसे ज्यादा स्टंपिंग का रिकॉर्ड है. धोनी के बाद नंबर आता है श्रीलंका के पूर्व कप्तान कुमार संगकारा का. उन्होंने अपने करियर में 594 मैच खेले हैं जिसमे उनके नाम 139 स्टंपिंग हैं. धोनी अपनी बिजली जैसी गति से स्टंपिंग करने के लिए काफी मशहूर हैं.