इंग्लैंड के खिलाफ टी20 सीरीज में भारतीय क्रिकेट टीम की करारी हार के बाद टीम प्रबंधन, चयनकर्ताओं और हेड कोच की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं. इस चर्चा में वाशिंगटन सुंदर, प्रसिद्ध कृष्णा और तिलक वर्मा के खराब फॉर्म के बावजूद टीम में बने रहने और संजू सैमसन जैसे खिलाड़ियों को पर्याप्त मौके न मिलने की आलोचना की गई है. विश्लेषकों ने बदलाव के दौर यानी 'transition phase' के तर्क को खारिज करते हुए खराब प्रदर्शन की समीक्षा करने और आगामी जिम्बाब्वे दौरे की टीम में बदलाव की मांग की है. हार्दिक पंड्या, रवींद्र जडेजा और रविचंद्रन अश्विन जैसे ऑलराउंडर्स की कमी, तेज गेंदबाजी में गति का अभाव और पावरप्ले में धीमी गेंदबाजी टीम की मुख्य कमजोरियां बनकर उभरी हैं. इसके अलावा, एक युवा खिलाड़ी को उपकप्तान बनाने के फैसले पर आपत्ति जताई गई है और चेतावनी दी गई है कि ऐसा ही प्रदर्शन रहा तो भविष्य के टूर्नामेंटों और आगामी ओलंपिक खेलों के क्वालिफिकेशन पर भी असर पड़ सकता है.
England में शर्मनाक हार, Washington Sundar और undeserving खिलाड़ियों पर फूटा गुस्सा
इंग्लैंड के खिलाफ टी20 सीरीज में भारतीय क्रिकेट टीम की करारी हार के बाद टीम प्रबंधन, चयनकर्ताओं और हेड कोच की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं. इस चर्चा में वाशिंगटन सुंदर, प्रसिद्ध कृष्णा और तिलक वर्मा के खराब फॉर्म के बावजूद टीम में बने रहने और संजू सैमसन जैसे खिलाड़ियों को पर्याप्त मौके न मिलने की आलोचना की गई है. विश्लेषकों ने बदलाव के दौर यानी 'transition phase' के तर्क को खारिज करते हुए खराब प्रदर्शन की समीक्षा करने और आगामी जिम्बाब्वे दौरे की टीम में बदलाव की मांग की है. हार्दिक पंड्या, रवींद्र जडेजा और रविचंद्रन अश्विन जैसे ऑलराउंडर्स की कमी, तेज गेंदबाजी में गति का अभाव और पावरप्ले में धीमी गेंदबाजी टीम की मुख्य कमजोरियां बनकर उभरी हैं. इसके अलावा, एक युवा खिलाड़ी को उपकप्तान बनाने के फैसले पर आपत्ति जताई गई है और चेतावनी दी गई है कि ऐसा ही प्रदर्शन रहा तो भविष्य के टूर्नामेंटों और आगामी ओलंपिक खेलों के क्वालिफिकेशन पर भी असर पड़ सकता है.
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