भारत के 15 साल के विस्फोटक बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी आयरलैंड और इंग्लैंड पर अपना इंटरनेशनल डेब्यू करने की तैयारी कर रहे हैं. हालांकि वह इस दौरे पर अकेले नहीं जाएंगे. उनके माता-पिता को भी उनके साथ इस दौरे पर जाने की स्पेशल परमिशन मिली है. बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया ने बताया है कि सूर्यवंशी को आयरलैंड और इंग्लैंड के दौरे पर अपने माता-पिता को साथ ले जाने की खास इजाजत क्यों दी गई.
परेशानी से निपटने में मदद
सूर्यवंशी को भारत की T20 टीम में चुना गया है जो आयरलैंड के खिलाफ दो और इंग्लैंड के खिलाफ पांच T20I मैच खेलेगी. BCCI का मानना है कि माता-पिता के साथ होने से इस युवा खिलाड़ी को बड़ों के माहौल में सहज होने और ऐसी स्थितियों में आने वाली किसी भी परेशानी से निपटने में मदद मिलेगी. PTI को दिए इंटरव्यू में सैकिया ने बताया कि सीनियर लेवल पर सभी नेशनल टीमों के स्क्वॉड में 14 या 15 साल का खिलाड़ी नहीं होता. कई दशकों बाद वैभव सूर्यवंशी जैसा खिलाड़ी मिला है.
सूर्यवंशी के लिए मददगार
उन्होंने सचिन तेंदुलकर का उदाहरण देते हुए कहा कि वो टेस्ट डेब्यू के समय साढ़े 16 साल के थे. उनका कहना है कि जब इतना कम उम्र का बच्चा सीनियर टीम का हिस्सा होता है, तो कई तरह की दिक्कतें आ सकती हैं. इसलिए उन्हें सहज महसूस कराने और बड़ों के माहौल में ढलने में मदद करने के लिए उन्हें लगा कि माता- पिता को दौरे पर भेजना सूर्यवंशी के लिए मददगार होगा. सैकिया को उम्मीद है कि सूर्यवंशी आने वाले दो-तीन दशकों तक भारतीय क्रिकेट के लिए एक अहम खिलाड़ी साबित होंगे.


