IND vs SA: केपटाउन में टीम इंडिया की जीत के साथ ही इस महारथी ने टेस्ट क्रिकेट से ली विदाई, कहा- खुश हूं कि अब इनको...

Shakti Shekhawat

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डीन एल्गर (बीच में) भारत के खिलाफ अपनी आखिरी टेस्ट सीरीज खेल रहे थे.
डीन एल्गर (बीच में) भारत के खिलाफ अपनी आखिरी टेस्ट सीरीज खेल रहे थे.

Story Highlights:

डीन एल्गर अपनी आखिरी टेस्ट में कप्तानी करते हुए हार के साथ विदा हुए.

डीन एल्गर ने आखिरी टेस्ट सीरीज में एक शतक लगाया.

भारत और साउथ अफ्रीका के बीच टेस्ट सीरीज केप टाउन में खत्म हुई. भारत ने यहां पर खेले गए दूसरे टेस्ट को दो दिन के अंदर जीता और सीरीज को 1-1 से बराबर कराया. सेंचुरियन में खेला गया पहला टेस्ट साउथ अफ्रीका ने पारी और 32 रन से अपने नाम किया था. इस सीरीज के साथ ही साउथ अफ्रीका के एक महारथी खिलाड़ी के इंटरनेशनल करियर का अंत हो गया. यह खिलाड़ी है- डीन एल्गर. उन्होंने सीरीज से पहले ही कह दिया था कि भारत से दो टेस्ट खेलने के बाद वह रिटायर हो जाएंगे. साउथ अफ्रीका के महान खिलाड़ियों में गिने जाने वाले एल्गर के टेस्ट करियर का अंत हार के साथ हुआ. इसमें उनकी कप्तानी में साउथ अफ्रीका को सात विकेट से शिकस्त मिली.

एल्गर अपने आखिरी टेस्ट में चार और 12 रन के स्कोर बना सके. 2012 में टेस्ट करियर शुरू करने वाले इस खिलाड़ी ने केप टाउन टेस्ट के नतीजे के बाद कहा कि वह इस खेल में और आगे जाना चाहते थे. उन्होंने कहा, 'सेंचुरियन में अपने प्रदर्शन पर काफी गर्व है और आखिरकार वहां पर शतकों के क्लब में शामिल हुआ. लेकिन यहां बैटिंग करना बहुत मुश्किल था. अगर रन आते तो बढ़िया रहता. आप खुद को दुनिया की बेहतरीन टीम के सामने चुनौती देना चाहते हैं. साउथ अफ्रीका के लिए खेलना एक कमाल और अद्भुत यादों भरा सफर रहा है. यह काफी खास है.'

एल्गर रहे प्लेयर ऑफ दी सीरीज

 

पहले बैटिंग के फैसले का किया बचाव

 

टेंबा बवुमा के चोटिल होने पर कप्तानी कर रहे एल्गर ने आखिरी टेस्ट हारने पर कहा, 'हमारे लिए मुश्किल हार. इस मैच को लेकर हम पॉजिटिव थे लेकिन बल्लेबाजी करते हुए पहली पारी में... भारत ने अच्छी बॉलिंग की और हालात का फायदा लिया. यह सीरीज ड्रॉ हो गई. अगर 2-0 से हम जीतते तो अच्छा रहता.'

 

केप टाउन टेस्ट की पिच से गेंदबाजों का काफी मदद मिली. यहां पर एल्गर ने पहले बैटिंग चुनी थी जो गलत फैसला साबित हुआ. इस बारे में एल्गर ने कहा, 'ऊपर से देखने पर पिच सही लग रही थी लेकिन सबने जो सोचा था यह उससे अलग रही. यहां खेलने के लिए एक बड़ा सबक है. पहले बैटिंग करने के मेरे फैसले पर अफसोस नहीं है.' 
 

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