इंडियन प्रीमियर लीग के मौजूदा सीजन के दूसरे चरण का आगाज धमाकेदार होने की उम्मीद थी। धमाका हुआ भी। लेकिन ऐसा हुआ, जिसने चेन्नई सुपरकिंग्स और महेंद्र सिंह धोनी के प्रशंसकों को बुरी तरह झकझोरकर रख दिया। जी हां, सिर्फ 36 गेंदों पर दिग्गज धोनी के धुरंधर जमीन सूंघते नजर आए। खुद कप्तान धोनी भी समझ नहीं पाए कि कितनी तेजी से उन्हें पवेलियन लौटना पड़ा। इन 36 गेंदों में चेन्नई के चार धुरंधर पवेलियन लौट चुके थे। इनमें किसी तरह फिट होकर टीम की प्लेइंग इलेवन में शामिल हुए फाफ डुप्लेसी भी शामिल थे। उनके अलावा मोइन अली, सुरेश रैना आउट होने वाले बल्लेबाजों में शुमार रहे।
चेन्नई का पहला विकेट पहले ही ओवर में गिरा जब ओवर की पांचवीं गेंद पर फाफ ट्रेंट बोल्ट की गेंद पर शॉर्ट थर्डमैन को कैच देकर पवेलियन लौटे। उनका खाता भी नहीं खुला। इसके बाद मोइन अली तीसरे नंबर पर आए और एडम मिल्ने की गेंद पर कवर प्वाइंट पर कैच देकर बिना खाता खोले आउट हुए। ये विकेट दूसरे ओवर की तीसरी गेंद पर आया। तीसरा विकेट ट्रेंट बोल्ट ने लिया जिन्होंने सुरेश रैना को 4 रन के स्कोर पर पवेलियन भेजा। तब तीसरे ओवर की छठी गेंद थी। फिर छठे ओवर की छठी यानी मैच की 36वीं गेंद पर धोनी भी तीन रन बनाकर एडम मिल्ने की गेंद पर बोल्ट को कैच थमाकर पवेलियन चले गए। धोनी के साथ तो इसलिए और भी बुरा हुआ क्योंकि पहले चरण के मुकाबलों में भी कप्तान का बल्ला खामोश ही रहा था। तब सात मैचों में सिर्फ 37 रन ही बना सके थे।
...तो क्या पिच पढ़ने में चूक गए माही
चेन्नई सुपरकिंग्स के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने इस मैच में टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी चुनी। ये फैसला लेते हुए उन्होंने कहा कि पिच बल्लेबाजी के लिए अच्छी है और उनका इरादा बड़ा स्कोर खड़ा कर मुंबई को दबाव में लाने का होगा। लेकिन पिच पर मौजूद उछाल ने धोनी के फैसले को बिल्कुल गलत साबित कर दिया। यहां तक कि अनुभवी बल्लेबाज अंबाती रायडू तो कोहनी पर गेंद लगने के चलते रिटायर्ड हर्ट होकर पवेलियन लौटे। हालांकि इन झटकों से उबरते हुए चेन्नई ने ऋतुराज गायकवाड़ की बदौलत 20 ओवर में 6 विकेट पर 156 रनों का स्कोर खड़ा किया। गायकवाड़ ने 58 गेंदों पर 9 चौकों और चार छक्कों की मदद से नाबाद 88 रन बनाए।