इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) ने अब तक कई ऐसे क्रिकेटरों का नाम बनाया जिन्हें कोई नहीं जानता था. ये एक ऐसा प्लेटफॉर्म हैं जो खिलाड़ियों के उनके एक धांसू प्रदर्शन से ही स्टार बना देता है. साल 2008 से लेकर अब तक इस प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर कई क्रिकेटर अपनी पहचान बना चुके हैं और करोड़ों रुपए छाप चुके हैं. हालांकि कई युवाओं के लिए यहां तक पहुंचना बेहद मुश्किल भी हो जाता है. ये क्रिकेटर आईपीएल में तो अपना नाम बना लेते हैं तो टीम इंडिया तक नहीं पहुंच पाते. हालांकि एक क्रिकेटर ऐसा है जिसे टीम इंडिया का भविष्य बताया जा रहा है. हम कोलकाता नाइट राइडर्स के स्टार बल्लेबाज रिंकू सिंह की बात कर रहे हैं. रिंकू सिंह ने गुजरात के खिलाफ 5 गेंद पर 5 छक्के जड़ कमाल कर दिया था. जिसके बाद पूरी दुनिया अब उन्हें जानने लगी है. लेकिन यहां तक रिंकू ने जो गरीबी देखी उसके बारे में बेहद कम लोग जानते हैं.
आईपीएल से रिंकू को मिले 55 लाख
रिंकू को भले ही आईपीएल में ज्यादा पैसे नहीं मिल रहे हों. लेकिन जितने भी मिल रहे हैं उसमें ही रिंकू उन गरीबी क्रिकेटरों के लिए वो सबकुछ कर देना चाहते हैं जो उन्हें नहीं मिल पाया. रिंकू चाहते हैं कि गरीबी के चलते किसी क्रिकेटर का सपना न टूटे. और इसी को देखते हुए उन्होंने एक बड़ा कदम उठाया है. रिंकू यूपी के अलीगढ़ में एक बड़ा हॉस्टल बना रहे हैं. रिंकू बेहद गरीब परिवार से आते हैं जहां उनके पिता सिलेंडर की डिलीवरी किया करते थे. वहीं उनका भाई ऑटो रिक्शा ड्राइवर है और कोचिंग में झाड़ू पोछा का काम भी कर चुका है. लेकिन इस हालात में भी रिंकू ने हार नहीं मानी और क्रिकेट खेलना जारी रखा.
अगले महीने बनकर तैयार हो जाएगा हॉस्टल
वहीं रिंकू सिंह के कोच ने न्यूइंडियन एक्सप्रेस से कहा कि, वो हमेशा से ही युवा खिलाड़ियों के लिए हॉस्टल बनाना चाहते थे. वो उन खिलाड़ियों की मदद करना चाहते थे जो वित्तीय संकट से गुजर रहे हैं. लेकिन अब उनका ये सपना सच होने जा रहा है.
बता दें कि रिंकू सिंह को साल 2016 में रणजी में डेब्यू करने का मौका मिला था. इसके बाद अगले साल उन्हें किंग्स 11 पंजाब ने अपनी टीम में लिया. कोलकाता ने इसके बाद रिंकू को साल 2018 में 80 लाख रुपए में लिया. तब से रिंकू लगातार खेल रहे हैं. रिंकू के बचपन के कोच मसूद उज जफर अमीनी 12-13 साल से रिंकू को ट्रेन कर रहे हैं. अब ये कोच अलीगढ़ क्रिकेट स्कूल और एकेडमी चलाता है.
रिंकू ही करेंगे उद्घाटन
कोच ने कहा कि, रिंकू ने नए हॉस्टल की नींव तीन महीने पहले ही रख दी थी. हॉस्टल में कुल 14 रूम होंगे और सभी में 4 खिलाड़ी रुकेंगे. एक पवेलियन भी बनाया जा रहा है. वहीं अलग से टॉयलेट का भी निर्माण चल रहा है. इन खिलाड़ियों को मुफ्त में खाना और ट्रेनिंग दी जाएगी. ऐसे में पूरे हॉस्टल का खर्चा 50 लाख के करीब है. रिंकू के बड़े भाई सोनू का कहना है कि, वो अपने भाई के सपने को देखकर काफी ज्यादा खुश हैं. सोनू ने कहा कि, हम एक साथ सिलेंडर डिलीवर किया करते थे. मैं और मेरा पिता नहीं चाहते थे कि रिंकू भी ऐसा करे और हम चाहते थे कि बस वो क्रिकेट पर फोकस करे. लेकिन अब उसने हमें गरीबी से बाहर निकाला है. ऐसे में हमने फैसला किया है कि हम गरीबी क्रिकेटरों के लिए हॉस्टल बनाएंगे.
बता दें कि इस एकेडमी में फिलहाल आसपास के खिलाड़ी ट्रेनिंग कर रहे हैं जो रेंट के मकानों में रहते हैं. ऐसे में हम इन्हें कम कीमत पर सारी सुविधाएं देने की कोशिश कर रहे हैं. इनमें से कई हॉस्टल में शिफ्ट होंगे. फिलहाल वो काफी ज्यादा रेंट दे रहे हैं लेकिन हॉस्टल में शिफ्ट होने के बाद ये बेहद कम होगा और सभी को सुविधाएं भी मिलेंगी. हम छोटा सा जिम भी खोलेंगे. 90 प्रतिशत काम हो चुका है और ये हॉस्टल अगले महीने तक बनकर तैयार हो जाएगा. आईपीएल के बाद रिंकू ही इसका उद्घाटन करेगा.
ये भी पढ़ें:
IPL 2023: KKR की हार के बाद गेंदबाजों पर खूब बरसे नीतीश राणा, कहा- 1-2 मैच तो ठीक लेकिन अब समय आ गया...
मुझे कभी सॉरी मत कहना...गांगुली के सामने रिकी पोंटिंग ने इस भारतीय क्रिकेटर से कह दी बड़ी बात