राजस्थान रॉयल्स के मैनेजर रोमी भिंडर के रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के साथ मुकाबले में डगआउट में फोन चलाने पर मामला बढ़ गया है. इस मामले में बीसीसीआई सक्रिय हो गई है और जल्द ही जांच शुरू की जा सकती है. बीसीसीआई सेक्रेटरी देवजीत सैकिया ने कहा कि मामले की पूरी तरह से जांच की जाएगी और इसके बाद ही किसी फैसले पर पहुंचा जाएगा. उन्होंने यह भी बताया कि अभी तक आईपीएल गवर्निंग काउंसिल के पास यह मामला नहीं आया है.
आईपीएल नियमों के तहत टीम मैनेजर को मैच के दौरान मोबाइल रखने की अनुमति होती है लेकिन वह केवल ड्रेसिंग रूम में ही इसे चला सकते हैं. डगआउट में ऐसा करना सही नहीं है. टाइम्स ऑफ इंडिया से बातचीत में सैकिया ने भिंडर के मोबाइल चलाने पर कहा, 'कुछ लोगों को डगआउट में फोन ले जाने की अनुमति होती है और रोमी भिंडर मैनेजर के तौर पर इसे ले जा सकते हैं. लेकिन हमें इस बात की पूरी तरह से जांच करनी होगी कि यह घटना हुई कहां पर और क्या फोन का इस्तेमाल हुआ है. हम अंदरूनी जांच करेंगे और इसके बाद ही किसी तार्किक नतीजे तक पहुंचेंगे. हम जांच करेंगे. जो कुछ कहा जा रहा है उसके हिसाब से कार्रवाई नहीं कर सकते. हम तस्वीरें, वीडियो और जो कुछ मिल सकता है उसे देखेंगे और फिर फैसला करेंगे.'
राजस्थान और आरसीबी के मैच में रोमी भिंडर जब मोबाइल चला रहे थे तब ध्रुव जुरेल व रवींद्र जडेजा बैटिंग कर रहे होते हैं. 202 रन के चेज में राजस्थान का स्कोर 10.5 ओवर में चार विकेट पर 140 रन होता है. भिंडर के पास वैभव सूर्यवंशी भी बैठे होते हैं. वे भी फोन की तरफ देख रहे होते हैं. यह घटना टीवी कैमरों में दर्ज हो जाती है.
रोमी भिंडर पर क्या कार्रवाई हो सकती है
आईपीएल के प्लेयर्स एंड मैच ऑफिशियल्स एरिया प्रोटोकॉल 2026 के तहत भिंडर का कृत्य नियम विरुद्ध नज़र आता है. इसके तहत मैच के दौरान डगआउट में फोन इस्तेमाल नहीं किया जा सकता. अब मैच रेफरी को मामले को आईपीएल गवर्निंग काउंसिल को विस्तृत रिपोर्ट देनी होगी. जानकारों का कहना है कि भिंडर का फोन जब्त कर स्कैन किया जा सकता है. यह गंभीर अपराध में आता है. ऐसे में भिंडर को राजस्थान के अगले मुकाबले से बाहर किया जा सकता है. यह मुकाबला 13 अप्रैल को सनराइजर्स हैदराबाद के साथ है.

