मुंबई इंडियंस को इंडियन प्रीमियर लीग 2025 में लगातार दूसरी हार मिली है और इस बार ये हार अहमदाबाद में गुजरात टाइटन्स के खिलाफ आई है. गुजरात ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 196 रन बनाए और फिर मुंबई को 160 रन पर पर रोक 36 रन से मुकाबला जीत लिया. IPL 2024 में आखिरी स्थान पर रहने के बाद, MI ने इस सीजन की शुरुआत फिर से खराब की है. कप्तान हार्दिक ने चेन्नई सुपर किंग्स के खिलाफ सीजन का पहला मैच मिस करने के बाद इस मैच में खेला. क्योंकि पिछले सीजन में धीमी ओवर गति के कारण उन्हें उस मैच के लिए बैन कर दिया गया था.
पंड्या से फिर हुई गलती
IPL 2024 में, उन्हें धीमी ओवर गति के लिए तीन बार दंडित किया गया था. हार्दिक से ये गलती लीग स्टेज के आखिरी मैच में हुई थी. ऐसे में उन पर 30 लाख रुपए का जुर्माना और एक मैच का प्रतिबंध लगाया गया था. जिसे उन्होंने नए सीजन के पहले मैच में पूरा किया. लेकिन सीजन के पहले मैच में कप्तानी करने वाले हार्दिक से एक बार फिर बड़ी गलती हो गई जिसके चलते अब उनपर 12 लाख रुपए का जुर्माना लगाया गया है. गुजरात टाइंटस के खिलाफ स्लो ओवर रेट के चलते उनपर ये जुर्माना लगाया गया है.
टाइटन्स के खिलाफ मैच में, मुंबई इंडियंस को धीमी ओवर गति के लिए दंडित किया गया क्योंकि वे अपने 20 ओवर समय पर पूरे नहीं कर सके. इसका नतीजा ये रहा कि, उन्हें अंतिम ओवर एक फील्डर कम के साथ खेलना पड़ा.
नहीं लगेगा बैन
BCCI ने आगामी IPL सीजन के लिए नियमों को अपडेट किया है, जिसमें धीमी ओवर गति के अपराधों से निपटने के तरीके में बदलाव किए गए हैं. कप्तानों को अब धीमी ओवर गति के लिए मैच प्रतिबंध नहीं मिलेगा. इसके बजाय, उन्हें डिमेरिट अंक मिलेंगे. बता दें कि, आईपीएल 2025 में यह पहली बार है जब किसी कप्तान पर धीमी ओवर गति के लिए जुर्माना लगाया गया है.
आईपीएल 2025 सीजन शुरू होने से पहले हार्दिक पंड्या ने इस बात पर अपनी राय दी थी कि क्या धीमी ओवर गति पर प्रतिबंध अगले सीजन में भी जारी रहना चाहिए. मुंबई इंडियंस द्वारा आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में हार्दिक ने कहा, "यह मेरे नियंत्रण से बाहर है. पिछले साल जो हुआ वह खेल का हिस्सा है. हुआ यह कि हमने आखिरी ओवर 2-2.5 मिनट देरी से फेंका." उन्होंने कहा, "उस समय मुझे इसके परिणामों के बारे में पता नहीं था. यह दुर्भाग्यपूर्ण था, लेकिन नियम ऐसा कहते हैं, इसलिए मुझे प्रक्रिया के अनुसार चलना होगा. अगले सीजन में जुर्माना जारी रहना चाहिए या नहीं, यह उच्च अधिकारियों पर निर्भर करता है."