पडिक्कल 6 मैचों में 5वें शतक से चूके, मगर तीसरी बार 600 रन बना रच दिया इतिहास
बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (बीसीबी) ने भी बीसीसीआई के इस फैसले के बाद भारत में अपने टी20 वर्ल्ड कप मैच खेलने से मना कर दिया और भारत से बाहर मैच को शिफ्ट करने की डिमांड की है. बीसीसीआई के इस कदम ने मुस्तफिजुर के अधिकारों को लेकर बहस छेड़ दी है, क्योंकि उन्होंने न तो उन्होंने खुद से नाम वापस लिया है और न ही उन पर किसी तरह का कोई आरोप है, लेकिन सोर्स का कहना है कि मौजूदा बीमा ढांचे में मुआवजे के लिए बहुत कम गुंजाइश है.
खिलाड़ियों की सैलरी का बीमा
आईपीएल से जुड़े एक सोर्स ने पीटीआई को बताया कि आईपीएल के सभी खिलाड़ियों की सैलरी का बीमा होता है. विदेशी इंटरनेशनल खिलाड़ियों के मामले में अगर वे कैंप में शामिल होने के बाद या टूर्नामेंट के दौरान चोटिल हो जाते हैं तो आमतौर पर फ्रेंचाइज भुगतान करती है. उन्होंने कहा कि आम तौर पर 50 प्रतिशत तक का भुगतान बीमा से किया जाता है.
मुस्तफिजुर को क्यों नहीं मिलेगा मुआवजा?
हालांकि मुस्तफिजुर का मामला बीमा के सामान्य नियमों के तहत नहीं आता है. उन्हें चोट या लीग में भाग लेने से जुड़े क्रिकेट संबंधी किसी कारण से टीम से नहीं निकाला गया, इसलिए केकेआर उन्हें किसी भी तरह की मुआवजा राशि का भुगतान करने के लिए बाध्य नहीं है. सोर्स ने कहा कि अभी जो कुछ भी हो रहा है, वह बीमा के दायरे में नहीं आता है और इसलिए केकेआर पर एक पैसा भी भुगतान करने का कोई आधिकारिक जिम्मेदारी नहीं है.

