शार्दुल ठाकुर आईपीएल 2025 में रिप्लेसमेंट के तौर पर शामिल हुए. ऑक्शन में इस खिलाड़ी पर किसी फ्रेंचाइज ने बोली नहीं लगाई थी. इसके बाद शार्दुल ठाकुर चिंता में पड़ गए थे. उनके मन में आया, 'क्या मैं इतना बुरा हूं?' उन्होंने आईपीएल ऑक्शन में खाली हाथ रहने के बाद इंग्लैंड जाकर काउंटी क्रिकेट में खेलने का फैसला कर लिया था. इसके लिए एक काउंटी से बात बन गई थी. मगर लखनऊ सुपर जायंट्स ने उनसे बात की और साथ जुड़ने को कहा. टीम के मेंटॉर जहीर खान ने उनसे कहा कि उनकी जगह बन सकती है. शार्दुल ठाकुर ने ऑक्शन से लेकर अब आईपीएल में खेलने के बीच की अवधि को लेकर दिल खोल दिया.
शार्दुल ने इंडियन एक्सप्रेस से बात करते हुए कहा कि ऑक्शन से पहले उन्होंने कुछ फ्रेंचाइज मालिकों से विनती की थी कि उनके बारे में एक बार विचार किया जाए. उन्होंने भारतीय टीम के अपने एक साथी को भी इस बारे में मैसेज किया था. लेकिन बात नहीं बनी. ऑक्शन में किसी ने भी उन्हें भाव नहीं दिया. ऐसे में उन्होंने इंग्लिश काउंटी क्रिकेट की तरफ देखा और वहां पर एसेक्स की तरफ से ऑफर आया. इसे शार्दुल ने साइन कर लिया लेकिन आईपीएल से जुड़ी एक शर्त रख दी. इसमें कहा कि अगर वहां से मौका मिला तो वे काउंटी क्रिकेट में नहीं आएंगे.
शार्दुल ठाकुर के पास आया जहीर खान का फोन
शार्दुल ने कहा कि उन्हें अंदर से लग रहा था कि उनके लिए आईपीएल में मौका बन सकता है. उन्होंने इंडियन एक्सप्रेस को बताया, 'तेज गेंदबाज चोटिल हो जाते हैं. किसे पता कि मैं किसी फ्रेंचाइज के लिए खेल रहा हूं. कोई न कोई तो मुझे ले ही लेगी नहीं तो मैं इंग्लैंड जाऊंगा और काउंटी क्रिकेट खेलूंगा. मैंने काउंटी क्रिकेट के लिए साइन कर लिया. लेकिन जब रणजी नॉकआउट्स खेल रहा था तब मेरे पास जहीर (खान) का फोन आया. उन्होंने कहा कि वे मुझे संभावित रिप्लेसमेंट के तौर पर देख रहे हैं. इसलिए निराश मत होना. अगर हम तुम्हें रिप्लेसमेंट के रूप में लेंगे तो हम तुमसे शुरुआत करेंगे. उस दिन मैं फिर से आईपीएल जोन में आ गया.'
शार्दुल को दूसरी फ्रेंचाइज ने मोटे पैसों का दिया था ऑफर
33 साल के शार्दुल ने लखनऊ में शामिल होने से पहले ट्रायल्स दिया था. वे इसके लिए लखनऊ गए. उन्हें शामिल होने से पहले बेंगलुरु में मौजूद सेंटर ऑफ एक्सीलेंस से फिटनेस क्लीयरेंस चाहिए था. इस दौरान उनके पास एक दूसरी फ्रेंचाइज से कॉल आया और बड़ी सैलरी पर जुड़ने का ऑफर दिया गया. शार्दुल ने अपने दोस्त से बात की और इस मसले पर मशविरा किया. उन्हें लगा कि लखनऊ ने सबसे पहले उनसे संपर्क किया था. ऐसे में उसे छोड़ना नैतिक रूप से गलत होगा. इस वजह से वे लखनऊ के साथ बने रहे. अब दो मैच खेल चुके हैं और इनमें छह विकेट ले चुके हैं.