संजू सैमसन न्यूजीलैंड के खिलाफ पांच टी20 मैचों की सीरीज में बुरी तरह से फेल रहे. पांच मैचों में वह 135.29 की स्ट्राइक रेट और 9.20 की औसत से महज 46 रन ही बना पाए. यहां तक कि उनका बल्ला उनके अपने घर में भी नहीं चला. तिरुवनंतपुरम में खेले गए 5वें टी20 मैच में भी वह महज छह रन बना पाए. हालांकि इस मैच में इशान किशन ने मेडन टी20 शतक ठोककर टी20 वर्ल्ड कप से पहले भारत के आखिरी मैच में टीम को 46 रन से जीत दिला दी.
मिडिल ऑर्डर पर दबाव कम
टॉप ऑर्डर में इशान के शामिल होने और उनके तेज गति से रन बनाने से सूर्यकुमार यादव, हार्दिक पंड्या और शिवम दुबे जैसे मिडिल ऑर्डर के बल्लेबाजों पर से बोझ कम हो गया है. भारतीय कप्तान सूर्या ने कहा कि पहले मैच से ही मुझे इशान और अभिषेक शर्मा के साथ बल्लेबाजी करने में बहुत मजा आया. मुझे लगता है कि जब वे दोनों साथ खेलते हैं, तो विपक्षी टीम को पूरी तरह से मुकाबले से बाहर कर देते हैं. इससे मिडिल ऑर्डर और फिनिशरों पर भी दबाव बहुत कम हो जाता है.
इशान ने तैयार किया मजबूत आधार
पांचवें मैच में इसकी पुष्टि हो गई. पंड्या जब बल्लेबाजी करने के लिए उतरे तो उन्हें किसी तरह का जोखिम उठाने की जरूरत नहीं थी, क्योंकि इशान पहले ही मजबूत आधार तैयार कर चुके थे. पंड्या ने 17 गेंद पर 42 रन की तूफानी पारी खेली, लेकिन इसमें उन्होंने किसी तरह का जोखिम नहीं लिया.
सैमसन के स्थान पर खतरा
इशान ने नंबर तीन पर बैटिंग की, जिसके बारे में सूर्या ने पहले ही पुष्टि कर दी थी, क्योंकि तिलक वर्मा चोटिल होने के कारण इस सीरीज से बाहर हो गए थे और उनकी जगह नंबर तीन पर इशान ने जिम्मेदारी संभाली, मगर तिलक अब फिट हो चुके हैं और वर्ल्ड कप से पहले मैदान पर वापसी की तैयारी कर रहे हैं. ऐसे में इशान को नंबर तीन की पोजीशन उनके लिए छोड़नी पड़ेगी और उनकी फॉर्म को देखते हुए कप्तान और मैनेजमेंट उन्हें ओपनिंग के लिए भेज सकता है. इस स्थिति में सैमसन के स्थान पर खतरा मंडराने लगा है.

