केएल राहुल ने वडोदरा में न्यूजीलैंड के खिलाफ पहले वनडे में फिनिशर की भूमिका को बखूबी निभाते हुए भारत को चार विकेट से जीत दिलाई. उन्होंने 21 गेंद में 29 रन की नाबाद पारी खेली और छक्के के साथ मैच खत्म किया. पहले ओपनर के तौर पर खेलने वाले केएल राहुल ने हालांकि कहा कि वे प्लेइंग इलेवन का हिस्सा बने रहने के लिए कहीं पर भी खेलने को तैयार है. उन्होंने कहा कि वे बस टीम इंडिया का हिस्सा होना चाहते हैं. भारत ने पहला वनडे मुकाबला चार विकेट से जीता. इसमें उसे 301 रन का लक्ष्य मिला था.
केएल राहुल ने फिनिशर के तौर पर खेलने पर क्या बताया
राहुल को वडोदरा में भी छठे नंबर पर बैटिंग के लिए भेजा गया. रवींद्र जडेजा उनसे ऊपर गए. पिछले कुछ मैचों से राहुल के साथ ऐसा ही हो रहा है. उन्होंने मैच के बाद ब्रॉडकास्टर से बात करते हुए भारतीय टीम के लिए खेलने के बेकरारी जाहिर की. साथ ही अपनी नई भूमिका की चुनौतियों पर भी बात की. उन्होंने कहा, 'ईमानदारी से कहूं तो जब मैं मैदान पर जाता हूं तो स्कोरबोर्ड देखता हूं और सोचता हूं कि क्या करना है. जब ओपनिंग करता हूं तो योजना बना सकता हूं क्योंकि वहां पर बहुत सारे ओवर्स रहते हैं. पूरी जिंदगी मैंने ऐसा किया है. लेकिन पांच या छह नंबर पर ऐसा नहीं हो पाता है हालांकि यहां खेलने से मैं अपनी बैटिंग को समझ पाया हूं. यह पूरी तरह से अलग चुनौती है. हो सकता है कि मैं किसी ऐसी स्थिति में जाऊं जहां पर पहली गेंद से ही चौके-छक्के लगाने हैं. तब दबाव होता है और पांच फील्डर बाहर रहते हैं.'
राहुल ने आगे कहा, 'जब ओपनिंग करते हैं तो बाहर फील्डर दिखते ही नहीं हैं. सब आपके सामने होते हैं. इसलिए वहां खेलना आसान होता है. इस भूमिका में एक गलती और टीम हार सकती है. फिर सारा दोष आप पर आ सकता है. यह एक्साइटिंग भी रहता है. इस बात का आभारी हूं कि जब भी मेरे पर दबाव आया तो मैं टीम के काम आने में सफल रहा. मैं खुश हूं. मैं पहले भी कह चुका हूं कि प्लेइंग इलेवन में रहना चाहता हूं फिर कहीं पर भी खिला लो.'
केएल राहुल का नंबर 5 और 6 पर कैसा है रिकॉर्ड
राहुल ने वनडे क्रिकेट में अभी तक भारत के लिए पांचवें नंबर पर आकर 32 बार बैटिंग की है और 59.34 की औसत से 1365 रन बना चुके हैं. इस पॉजीशन पर उन्होंने दो शतक व 10 अर्धशतक लगाए. छठे पायदान पर उन्होंने 12 मैच में 47.42 की औसत से 332 रन बनाए. यहां उनके नाम अभी तक एक अर्धशतक है.

