श्रीलंका के खिलाफ नए साल 2023 में खेली जाने वाली टी20 और वनडे सीरीज के लिए जब टीम इंडिया का ऐलान किया गया. उसी समय सबसे चौंकाने वाला फैसला सामने आया कि टीम इंडिया (Team India) के युवा विकेटकीपर बल्लेबाज ऋषभ पंत (Rishabh pant) को सफ़ेद गेंद के लिमिटेड ओवर्स क्रिकेट से बाहर कर दिया गया है. पंत को टी20 और वनडे दोनों टीमों में जगह नहीं दो गई तो बाद में मीडिया रिपोर्ट से सामने निकलकर आया कि उन्हें रेस्ट यानि आराम दिया गया है. ऐसे में अब टीम इंडिया के पूर्व बल्लेबाज गौतम गंभीर ने पंत पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें भरपूर मौके मिले लेकिन वह उसे भुना नहीं सके. जिसके चलते मेरे हिसाब से उन्हें रेस्ट नहीं बल्कि बाहर किया गया है. अब उन्हें टेस्ट क्रिकेट में अपने कौशल को और निखारना चाहिए.
स्टारस्पोर्ट्स से बातचीत में गंभीर ने कहा, "सबसे पहले तो चयनकर्ताओं ये चीज क्लीयर करना चाहिए कि पंत को बाहर किया गया है या फिर उन्हें रेस्ट दिया गया है. मेरे विचार से उन्हें बाहर किया गया है. क्योंकि जब हम क्रिकेट खेलते हैं तो रेस्ट जैसा शब्द नहीं होता है. या तो हमें बाहर किया जाता है या फिर सेलेक्ट किया जाता है."
पंत को मिले भरपूर मौके
गौरतलब है कि साल 2021 के बाद से अभी तक पंत टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की 31 पारियों में 577 रन ही बना सके हैं. जबकि इस दौरान उनका बल्लेबाजी औसत 24.04 का रहा और एक बार ही वह फिफ्टी जड़ सके. इस तरह पंत के बारे में गंभीर ने आगे कहा, "ऋषभ पंत को सफेद गेंद का स्टार खिलाड़ी बनाने के लिए टीम मैनजेमेंट ने उसे पूरी तरह से बैक किया. पंत को 3-4-5-6 हर एक नंबर पर बल्लेबाजी करने का मौका मिला. लेकिन वह इन मौकों को बर्बाद करते चले गए और सही से भुना नहीं सके. इस तरह पंत को अब अपनी कीपिंग के साथ-साथ पूरी तरह से टेस्ट क्रिकेट में फोकस करना चाहिए और यह सोचना चाहिए कि रेड बॉल क्रिकेट में वह नंबर 5 या फिर 6 पर किस तरह से बल्लेबाजी कर सकते हैं."

