इंग्लैंड और आयरलैंड के हाल के दौरों में 10 में से सिर्फ एक मैच जीतने के बाद ऐसी चर्चा होने लगी थी कि BCCI एक रिव्यू मीटिंग करने वाली है, जो आखिरकार नहीं हो पाई.मौजूदा वर्ल्ड चैंपियन भारत को आयरलैंड के खिलाफ दो मैचों की T20I सीरीज में 2-0 से हार का सामना करना पड़ा. इस सीरीज में श्रेयस अय्यर नए कप्तान के तौर पर टीम की कमान संभाल रहे थे.टीम की मुश्किलें इंग्लैंड में भी जारी रहीं, जहां भारत पांच मैचों की T20I सीरीज 0-4 से हार गया (एक मैच बारिश की वजह से रद्द हो गया था).
भारतीय बल्लेबाजों की आलोचना
आयरलैंड और इंग्लैंड में मुश्किल हालात के हिसाब से खुद को न ढाल पाने की वजह से भारतीय बल्लेबाजों की आलोचना हुई. पूर्व क्रिकेटरों ने इसके संभावित कारण के तौर पर घरेलू T20 वर्ल्ड कप और IPL 2026 से पहले टीम का लंबे समय तक सपाट बैटिंग पिचों पर खेलने को जिम्मेदार ठहराया.हेड कोच गौतम गंभीर ने भी माना कि उनके खिलाड़ियों को हालात को बेहतर ढंग से समझने की ज़रूरत थी.
चोट की बढ़ती चिंताओं की जांच
हाल के महीनों में भारतीय टीम को कई खिलाड़ियों की चोटों का सामना करना पड़ा है और जसप्रीत बुमराह का चोटिल होना इस कड़ी में सबसे ताजा झटका है. श्रीलंका दौरे के लिए टेस्ट टीम में चुने जाने के बाद बुमराह बाहर हो गए और उनकी जगह अनकैप्ड आकिब नबी को टीम में शामिल किया गया. साई सुदर्शन, हर्षित राणा, वाशिंगटन सुंदर और नीतीश रेड्डी भी चोटों से उबर रहे हैं और बार-बार हो रही फिटनेस की समस्याओं ने टीम के फिजियोथेरेपिस्ट कमलेश जैन को सवालों के घेरे में लाकर खड़ा कर दिया है. रिपोर्ट्स की मानें तो उम्मीद है कि BCCI बैठक के दौरान टीम की बढ़ती चोट की समस्याओं पर भी समीक्षा करेगा.




