भारत के स्टार स्पिनर वाशिंगटन सुंदर को लेकर टीम इंडिया के हेड कोच गौतम गंभीर और वीवीएस लक्ष्मण के बीच जबरदस्त मुकाबला हुआ.जिससे यह अंदाजा लगाया जा सकता है कि भारतीय टीम ऑफ-स्पिनर के सामने कितनी मुश्किलों का सामना कर रही है. एक रिपोर्ट के मुताबिक हेड कोच गौतम गंभीर और वनडे कप्तान शुभमन गिल अगले महीने वेस्ट इंडीज के खिलाफ घरेलू वनडे सीरीज के लिए वाशिंगटन सुंदर को टीम में शामिल करना चाहते थे, लेकिन ऐसा नहीं हो सका, क्योंकि एशियन गेम्स के लिए टीम के अंतरिम हेड कोच वीवीएस लक्ष्मण को उस स्पिनर की ज़्यादा ज़रूरत थी.
सुंदर की डिमांड
जागरण की एक रिपोर्ट के अनुसार गंभीर और गिल वेस्ट इंडीज की बाएं हाथ के बल्लेबाजों वाली मजबूत बैटिंग लाइन-अप का मुकाबला करने के लिए सुंदर को टीम में शामिल करना चाहते थे. गंभीर हमेशा से सुंदर की ऑल-राउंड स्किल्स के बड़े प्रशंसक रहे हैं, जो प्लेइंग 11 में उनके चयन से भी साफ झलकता है.हालांकि लक्ष्मण भी एशियन गेम्स के लिए सुंदर को इसी वजह से टीम में चाहते थे, ताकि नेपाल जैसी टीमों के खिलाफ बाएं हाथ के बल्लेबाजों का मुकाबला किया जा सके.
रिपोर्ट के मुताबिक इस खींचतान में लक्ष्मण की बात मानी गई और नतीजतन तेज गेंदबाज और ऑलराउंडर नीतीश कुमार रेड्डी को एशियन गेम्स की टीम से हटाकर वेस्ट इंडीज के खिलाफ वनडे टीम में शामिल कर लिया गया, ताकि गंभीर के लिए ऑलराउंडर विभाग को मजबूत किया जा सके. हालांकि यह बात BCCI के लिए चिंता का विषय होनी चाहिए.भारत में बाएं हाथ के स्पिनर काफी तैयार हो रहे हैं.हालत यह है कि मानव सुथार और हर्ष दुबे जैसे प्रतिभाशाली युवा ऑलराउंडर भी टीम में जगह नहीं बना पा रहे हैं, लेकिन दूसरी ओर दाएं हाथ के ऑफ-स्पिनर कहीं नजर नहीं आते.
एशियन गेम्स के लिए रवाना होने से पहले टीम इंडिया के सामने खड़ी हुई बड़ी मुसीबत




