'उनसे क्या उम्मीद करोगे जो...', इंग्लैंड क्रिकेट में घमासान, की-मैक्कलम के विरोध में उतरे क्रिकेटर

SportsTak

SportsTak

अपडेटेड:

इंग्लैंड क्रिकेट के डायरेक्टर रॉब की और हेड कोच ब्रेंडन मैक्कलम. (Photo: Getty)
इंग्लैंड क्रिकेट के डायरेक्टर रॉब की और हेड कोच ब्रेंडन मैक्कलम. (Photo: Getty)

Story Highlights:

लियम लिविंगस्टन के बयान के बाद से कई खिलाड़ी मैनेजमेंट की आलोचना में उतर आए.

लियम लिविंगस्टन ने कहा था कि इंग्लिश मैनेजमेंट ने खराब फॉर्म से निकलने में उनकी मदद नहीं की.

इंग्लैंड क्रिकेट में अभी मैनेजमेंट के बर्ताव को लेकर क्रिकेटर्स का गुस्सा निकल रहा है. लियम लिविंगस्टन ने सबसे पहले इस बारे में प्रतिक्रिया दी थी. इसके बाद अब जॉनी बेयरस्टो, रीस टॉप्ली और डेविड विली ने भी डायरेक्टर रॉब की, हेड कोच ब्रेंडन मैक्कलम के रवैये पर नाराजगी जाहिर की है. इन्होंने टीम से बाहर किए जाने को लेकर किए गए व्यवहार पर खुलकर बयान दिए और मैनेजमेंट को निशाने पर लिया.

तेज गेंदबाज टॉप्ली ने दी क्रिकेटर मैगजीन से बातचीत में मैनेजमेंट पर जोरदार हमला बोला. उन्होंने लिविंगस्टन की ओर से लगाए गए आरोपों का दया से भरा बताया. टॉप्ली ने कहा, 'मुझे लगता है कि लियम लिविंगस्टन इंग्लैंड मैनेजमेंट को लेकर अपने विचारों को लेकर थोड़े दयालु रहे. क्या हमें इस मसले को यहीं पर छोड़ देना चाहिए? लेकिन जो कुछ उन्होंने कहा उससे मुझे हैरानी नहीं हुई. मेरे साथ भी कम्युनिकेशन अच्छा नहीं रहा. लेकिन जब आप ऐसे आदमी को मैनेजर बनाते हैं जिसे मैनेजमेंट का अनुभव नहीं है तब क्या ही उम्मीद कर सकते हैं?'

लिविंगस्टन ने इंग्लिश मैनेजमेंट के बारे में क्या कहा

 

लिविंगस्टन ने मैक्कलम और की के बारे में ESPNCricinfo से बात करते हुए कहा था कि जब वे फॉर्म से जूझ रहे थे तब उन्हें कोई मदद नहीं मिली. उनसे कहा गया कि वे जरूरत से ज्यादा ही परवाह करते हैं. लिविंगस्टन को टी20 वर्ल्ड कप 2026 के लिए इंग्लिश टीम में नहीं चुना गया था. इस बारे में इस ऑलराउंडर ने कहा था कि उन्हें इसकी कोई कमी महसूस नहीं हुई. उन्हें बिल्कुल नहीं लगा कि वे खेल सकते थे.

बेयरस्टो ने भी साधा निशाना

 

वहीं बल्लेबाज जॉनी बेयरस्टो ने भी मैनेजमेंट के रवैये पर निशाना साधा. बीबीसी स्पोर्ट के अनुसार उन्होंने कहा कि खेल में आपको केयर चाहिए होती है. जैसे ही आप टीम से बाहर होते हैं तो फिर आपको भुला दिया जाता है. ऐसा नहीं होना चाहिए. अगर कोई मुश्किल में है तो उसे सहारा चाहिए होता है. तेज गेंदबाज डेविड विली ने भी कहा कि इंग्लैंड मैनेजमेंट को भावनात्मक बुद्धिमत्ता की जरूरत है.