इंग्लैंड के टेस्ट कप्तान बेन स्टोक्स न्यूजीलैंड के खिलाफ तीसरे टेस्ट में वापसी करेंगे, मगर इससे पहले उन्होंने उस विवाद को लेकर माफी मांगी है, जिसके कारण उन्हें दूसरे टेस्ट से बाहर कर दिया गया था. स्टोक्स का कहना है कि उन्हें अपनी गलतियों को पहचानने और उनसे प्रभावित हुए लोगों से माफी मांगने के लिए उन्हें हिम्मत और बड़प्पन दिखाने की जरूरत थी. स्टोक्स ने बताया कि उन्होंने टीम से माफ़ी मांगी है और अब तीसरे टेस्ट में कप्तानी की भूमिका संभाल रहे हैं.
आधी रात के कर्फ्यू का उल्लंघन
लॉर्ड्स में सीरीज का पहला टेस्ट जीतने के बाद स्टोक्स और तेज गेंदबाज गस एटकिंसन आधी रात के कर्फ्यू का उल्लंघन करते हुए नाइटक्लब गए थे, जहां उनका एक रग्बी खिलाड़ी से विवाद हो गया था. मामला इतना बढ़ गया था कि रग्बी खिलाड़ी ने टीम के सुरक्षा अधिकारी को मारा था, जिससे अधिकारी को टांके लगे थे. इस बवाल के बाद ही स्टोक्स की कप्तानी पर खतरा मंडराता दिखने लगा था. जिसके बाद उन्हें और एटकिंसन को दूसरे टेस्ट से बाहर कर दिया गया था और जो रूट ने टीम की कमान संभाली थी.
स्टोक्स और एटकिंसन को लिखित चेतावनी
स्टोक्स और एटकिंसन को उनके व्यवहार के लिए लिखित चेतावनी दी गई थी, लेकिन हाथापाई के मामले में उन्हें किसी भी गलत काम का दोषी नहीं पाया गया. इसके बाद उन्हें सीरीज के निर्णायक मैच के लिए इंग्लैंड की टीम में वापस बुला लिया गया. दूसरे टेस्ट से बाहर किए जाने के बाद अपनी पहली सार्वजनिक टिप्पणी में स्टोक्स ने कहा कि वे फाइनल मैच के लिए 'पूरी तरह से वापसी' कर चुके हैं. उन्होंने कहा कि ट्रेनिंग में लौटने पर उनका सबसे पहला काम टीम से माफी मांगना था.
माफी मांगने की हिम्मत
इंग्लिश कप्तान का कहना है कि चीजो की ज़िम्मेदारी भी लेनी पड़ती है. आपको इतना बड़ा और हिम्मत वाला बनना होगा कि आप ज़िम्मेदारी अपने कंधों पर ले सकें, जिन लोगों पर असर पड़ा है उनकी आंखों में आंखें डालकर देख सकें और जरूरत पड़ने पर माफी मांग सकें. नाइटक्लब कांड पर खेल के स्वतंत्र निगरानी पैनल भी स्टोक्स और एटकिंसन क्लीन चिट दे चुकी है. खेल नियमों के पालन की निगरानी करने वाली क्रिकेट नियामक संस्था ने सबूत इकट्ठा करने और उनका आकलन करने के लिए कई तरह से जांच की थी और सभी उपलब्ध जानकारियों की समीक्षा करने के बाद तय किया कि नियमों के उल्लंघन को साबित करने के लिए पर्याप्त सबूत नहीं है.


