इंग्लैंड में एक टी20 मुकाबले में रनों का ऐसा सैलाब आया कि इतिहास बन गया. एक क्लब ने 417 रन उड़ा दिए और केवल दो विकेट के नुकसान पर ऐसा किया. इस दौरान 69 चौके-छक्के लगे. इनमें 22 चौके और 47 छक्के शामिल रहे. इसे टी20 क्रिकेट में सबसे बड़े स्कोर का रिकॉर्ड माना जा रहा है. डम्बलटन क्रिकेट क्लब ने 7 जुलाई को प्रीमियर वन टॉप टियर डिवीजन में हेदरली एंड रेडिंग्स क्रिकेट क्लब के खिलाफ यह कमाल किया. उसने 188 रन के अंतर से यह मैच जीता. हेदरली एंड रेडिंग्स क्लब लक्ष्य का पीछा करते हुए 229 रन पर ढेर हो गया.
इस मैच में कुल तीन शतक लगे. दो डम्बलटन की ओर से बने जिनमें एक दोहरा शतक रहा. डम्बलटन क्लब की ओर से ओपनर इवान गेग ने दोहरा शतक लगाया. उन्होंने 55 गेंद का सामना किया और नाबाद 206 रन बनाए. इस दौरान 13 चौके व 23 छक्के उड़ाए. उनके साथी डेन हॉलैंड ने 37 गेंद में 122 रन की पारी खेली. हेदरली एंड रेडिंग्स की ओर से हैरी ब्लूमफील्ड ने 48 गेंद में 109 रन की पारी खेली. इस बल्लेबाज ने छह चौके व 12 छक्के लगाए.
डम्बलटन की ओर से गेग और थॉमस केली ने पारी का आगाज किया. दोनों ने 6.1 ओवर में 112 रन की विस्फोटक साझेदारी की. केली ने 25 गेंद में 64 रन की पारी खेली. उनके जाने के बाद आए हॉलैंड ने भी रनों की गति को कम नहीं होने दिया. उनकी पारी में चार चौके व 16 छक्के शामिल रहे. गेग और हॉलैंड ने दूसरे विकेट के लिए 59 गेंद में 211 रन की साझेदारी की. गेग ने आखिरी 24 में से 19 गेंद खेली और इस दौरान छक्कों की बरसात करते हुए टीम को 400 के पार पहुंचा दिया.
डम्बलटन ने बाउंड्री के जरिए 370 रन बनाए. जवाब में हेदरली एंड रेडिंग्स के बल्लेबाजों ने तेजी से रन बटोरने की कोशिश की. उनकी तरफ से मैच में कुल 19 छक्के लगे. ब्लूमफील्ड की तरह दूसरे बल्लेबाज ने भी खेल दिखाया होता तो मैच अलग स्तर पर जा सकता था. इसके बावजूद भी मैच में कुल 66 छक्के लगे.




