गुरनूर बराड़ किस तरह टीम इंडिया के बन रहे अहम गेंदबाज, इन दो सूरमाओं से ली मदद, बताया आगे का प्लान

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गुरनूर बराड़. (PhotoL Getty)
गुरनूर बराड़. (PhotoL Getty)

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गुरनूर बराड़ ने जून में अफगानिस्तान सीरीज से भारत के लिए वनडे डेब्यू किया था.

गुरनूर बराड़ भारत के लिए छह वनडे मुकाबले खेल चुके हैं.

तेज गेंदबाज गुरनूर बराड़ ने हालिया समय में अपने खेल से छाप छोड़ी है. भारत के लिए वनडे खेलते हुए और बाकी मौकों पर फर्स्ट क्लास क्रिकेट में उन्होंने चमक बिखेरी. इसके जरिए उन्हें भविष्य की तरह देखा जा रहा है. गुरनूर का कहना है कि पिछले तीन महीनों में जसप्रीत बुमराह और मोहम्मद सिराज से उन्हें काफी मदद मिली है. इसके जरिए वे लैंथ में निरंतरता हासिल कर पाए हैं और अब तीनों फॉर्मेट के खिलाड़ी बनना चाहते हैं. गुरनूर ने जून में अफगानिस्तान सीरीज से भारत के लिए वनडे डेब्यू किया था. अभी तक छह मैच खेले हैं और 11 विकेट लिए हैं. वे टेस्ट स्क्वॉड में भी हैं लेकिन डेब्यू का इंतजार कर रहे हैं.

26 साल के गुरनूर ने अफगानिस्तान के साथ घर पर वनडे सीरीज खेलने के बाद इंग्लैंड दौरे पर भी यही फॉर्मेट खेले. पिच से उछाल हासिल करने की क्षमता और रफ्तार उन्हें खास बनाता है. वे अभी दलीप ट्रॉफी में नॉर्थ जोन की तरफ से खेल रहे हैं. साउथ जोन के साथ सेमीफाइनल में उन्होंने पहली पारी में चार विकेट लिए थे.

उन्होंने अपने प्रदर्शन को लेकर कहा, 'रणजी ट्रॉफी और इंडिया ए में मेरे अच्छे प्रदर्शन की वजह से मेरा सेलेक्शन भारतीय टीम में हुआ. लेकिन मैं और सीखना चाहता था कि अपनी बॉलिंग की लेंथ में कैसे ज़्यादा निरंतर रहूं और किस विकेट पर किस बल्लेबाज़ के हिसाब से बॉलिंग करूं. मेरा मक़सद यही था. शुरू से ही मेरा एक ही लक्ष्य रहा है. मुझे अपने शरीर को इस तरह से तैयार करना है कि चाहे मैं कितने भी ओवर फेंकूं या कितनी भी गेंदें डालूं, मेरे शरीर पर कोई फर्क न पड़े. मुझे गेंदबाजी करने में मजा आए.'

गुरनूर को टीम इंडिया में किससे मिली मदद

गुरनूर ने कहा कि गौतम गंभीर (हेड कोच), मॉर्ने मॉर्केल (बॉलिंग कोच) और बुमराह जैसे सीनियर खिलाड़ी से बात करने से उन्हें काफी मदद मिली. जब उनके साथ रहकर काम किया जाता है तो यह एक सबक होता है. इसको देखते हुए वे ऑल फॉर्मेट गेंदबाज बनना चाहते हैं. पंजाब से आने वाले इस पेसर ने कहा कि सभी ने उनसे कहा कि जो अभी तक करते हुए आए हो उसे जारी रखो. अपनी रफ्तार व लैंथ पर डटे रहो. ज्यादा मैच खेलने से इसमें सुधार आएगा.