गुजरात टाइटंस में लौटना चाहते हैं हार्दिक पंड्या, कप्तानी की रखी शर्त, मगर फ्रेंचाइज ने किया मना, र‍िपोर्ट में बड़ा दावा

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 हार्दिक पंड्या ने 2022 में अपनी कप्तानी में गुजरात टाइटंस को चैंप‍ियन बनाया था.  (Photo: ITG)
हार्दिक पंड्या ने 2022 में अपनी कप्तानी में गुजरात टाइटंस को चैंप‍ियन बनाया था. (Photo: ITG)

Story Highlights:

हार्दिक पंड्या ने 2022 में अपनी कप्तानी में गुजरात टाइटंस को चैंप‍ियन बनाया था.

साल 2024 में पंड्या गुजरात को छोड़कर मुंबई इंडियंस में चले गए.

भारत के स्टार ऑलराउंडर और मुंबई इंडियंस के कप्तान हार्दिक पंड्या आईपीएल के अगले सीजन से पहले अपनी पुरानी फ्रेंचाइज गुजरात टाइटंस में लौटना चाहते हैं और उन्होंने वापसी के लिए कप्तानी की शर्त भी रखी, मगर फ्रेंचाइज से इससे मना कर द‍िया है.द इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार गुजरात टाइटंस फ्रेंचाइज उन्हें वापस लाने के लिए तैयार थी. इसी टीम के साथ पंड्या ने 2022 में अपने पहले ही सीजन में कप्तान के तौर पर इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) का खिताब जीता था और फिर 2024 में मुंबई इंडियंस में वापस चले गए थे.उन्होंने मौजूदा कप्तान शुभमन गिल के साथ इस बारे में बात भी की थी, लेकिन पंड्या की कप्तानी की शर्त की वजह से बात नहीं बन पाई. 

फ्रेंचाइज से सीधे कोई बातचीत नहीं


पंड्या के स्पोकपर्सन का कहना है कि पंड्या ने ट्रांसफर ट्रेड या किसी अन्य मामले को लेकर किसी भी फ्रेंचाइज से सीधे कोई बातचीत नहीं की है.अगर उनसे कोई संपर्क किया भी गया है, तो उसे MI फ्रेंचाइज के पास भेजा गया है. मुंबई इंडियंस में पंड्या की स्थिति को लेकर प‍िछले कुछ समय से चल रही अनिश्चितता के बाद यह बात सामने आई है.

MI में पंड्या के रोल पर व‍िचार

पहले ऐसी भी खबर आ रही थी कि MI का टीम मैनेजमेंट पंड्या को कप्तान के तौर पर बनाए रखने का इच्छुक नहीं था और टीम में उनकी भूमिका पर भी विचार कर रहा था.ऐसा उस सीजन के बाद हुआ,जिसमें टीम ने अपने 14 में से 10 मैच गंवा दिए और नौवें स्थान पर रही और फ्रेंचाइज का खिताब न जीत पाने का सिलसिला छह साल तक खिंच गया. 

राजस्थान रॉयल्स के ख‍िलाफ सीजन के आख‍िरी मैच के बाद कोचिंग स्टाफ ने टीम के साथ बातचीत में इस बात का खुलासा किया कि टीम क्यों बिखर गई. सोर्स का कहना था कि कोच‍िंग स्टाफ ने सीनियर खिलाड़ियों को साफ तौर पर कहा कि वे चाहे कहीं भी खेलें, उन्हें कोच की बात मानने के लिए तैयार रहना चाहिए.कई बार ऐसा हुआ जब कोचिंग स्टाफ़ ने डेटा के आधार पर कोई सलाह दी, लेकिन खिलाड़ियों ने उसे नहीं माना.