इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) ने बुधवार को 2028 मैंस टी20 वर्ल्ड कप के लिए एक नया फ़ॉर्मेट पेश किया. इसमें एक नया सुपर 10 स्टेज और 'एलिमिनेटर' राउंड शामिल किया गया है, ताकि उभरती हुई टीमों को ज़्यादा मौके मिल सकें, जबकि टूर्नामेंट 20 टीमों का ही बना रहेगा. ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड मिलकर इस टूर्नामेंट की मेजबानी करेंगे. टूर्नामेंट की शुरुआत चार-चार टीमों वाले पांच ग्रुप से होगी. ये 2026 के एडिशन में इस्तेमाल किए गए पांच-पांच टीमों वाले चार ग्रुप के फॉर्मेट को रिप्लेस करेगा.हर ग्रुप की टॉप दो टीमें नए 'सुपर 10' स्टेज में पहुंचेंगी, जहां 10 क्वालिफायर टीमों को पांच-पांच के दो ग्रुप में बांटा जाएगा और वे राउंड-रॉबिन लीग खेलेंगी.
क्वालिफ़िकेशन का तरीका भी साफ
ICC ने टूर्नामेंट के लिए क्वालिफ़िकेशन का तरीका भी साफ कर दिया है. 2026 T20 वर्ल्ड कप और ICC रैंकिंग में अपने प्रदर्शन के आधार पर बारह टीमें अफगानिस्तान, ऑस्ट्रेलिया, बांग्लादेश, इंग्लैंड, भारत, आयरलैंड, न्यूजीलैंड, पाकिस्तान, दक्षिण अफ़्रीका, श्रीलंका, वेस्ट इंडीज और ज़िम्बाब्वे पहले ही ऑटोमैटिक क्वालिफ़िकेशन हासिल कर चुकी हैं.
बाकी आठ जगहों का फैसला 16 टीमों वाले ग्लोबल क्वालिफायर से होगा. 2026 वर्ल्ड कप के लिए सीधे क्वालिफाई न कर पाने वाली आठ टीमें कनाडा, इटली, नामीबिया, नेपाल, नेदरलैंड्स, ओमान, संयुक्त अरब अमीरात और अमेरिका सीधे ग्लोबल क्वालिफ़ायर में पहुंचेंगी.हालांकि स्कॉटलैंड को 2026 टूर्नामेंट में अपनी भागीदारी से जुड़े खास हालात की वजह से यूरोप रीजनल फाइनल में सीधे एंट्री दी गई है.
ग्लोबल क्वालिफायर स्पॉट रीजनल क्वालिफ़िकेशन इवेंट्स
बाकी आठ ग्लोबल क्वालिफायर स्पॉट रीजनल क्वालिफ़िकेशन इवेंट्स के जरिए भरे जाएंगे. इनमें अफ्रीका, एशिया और यूरोप को दो-दो जगहें मिलेंगी, जबकि अमेरिका और ईस्ट एशिया-पैसिफ़िक क्षेत्रों को एक-एक जगह मिलेगी. ग्लोबल क्वालिफ़ायर में हर क्षेत्र की सबसे अच्छी रैंकिंग वाली टीम और कुल मिलाकर अगली तीन सबसे अच्छी रैंकिंग वाली टीमें 2028 वर्ल्ड कप के लिए क्वालिफाई करेंगी, बशर्ते वे कम से कम परफ़ॉर्मेंस क्राइटेरिया को पूरा करें.




