इंडिया ए और न्यूजीलैंड ए के बीच पहला अनाधिकारिक टेस्ट ड्रॉ हो गया. लिंकन में हुए मुकाबले के आखिरी दिन खराब रोशनी और ओपनर कर्टिस हीफी (नाबाद 90) की मदद से मेजबान टीम हार से बच गई. इंडिया ए ने उसके सामने जीत के लिए 313 रन का लक्ष्य रखा था. मैच समाप्त होने के समय न्यूजीलैंड ए का स्कोर नौ विकेट पर 187 रन था. आखिरी विकेट के लिए हीफी और जायडन लेनॉक्स ने 17 रन की साझेदारी की और 9.3 ओवर तक भारतीय गेंदबाजों का सामना किया. इस दौरान इंडिया ए के कप्तान ध्रुव जुरेल ने आकाश दीप से लेकर अंशुल कंबोज, वाशिंगटन सुंदर को आजमाया मगर आखिरी विकेट नहीं गिरा. आकिब नबी ने पहले तीन विकेट लेते हुए मेहमान टीम की जीत की उम्मीद जगाई. फिर देवदत्त पडिक्कल ने मिडिल ऑर्डर के दो विकेट लिए. इंडिया ए की दूसरी पारी 516 रन तक चली थी. उसने चौथे दिन के खेल की सुबह में ही बाकी बचे दो विकेट गंवा दिए.
आखिरी दिन 28 रन में गिरे इंडिया के आखिरी दो विकेट
इंडिया ए की दूसरी पारी 516 रन तक चली थी. चौथे व आखिरी दिन के खेल में भारतीय बल्लेबाजों ने 28 रन स्कोरकार्ड में जोड़े. वाशिंगटन सुंदर सबसे पहले आउट हुए. वह तीसरे दिन के अपने स्कोर में एक रन जोड़ पाए और जायजन लेनॉक्स की गेंद पर आउट हुए. आकाश दीप ने कुछ आतिशी शॉट्स लगाए जिससे टीम 500 पार हो गई. वे एक चौके व तीन छक्कों से 17 गेंद में 25 रन बनाकर नाबाद रहे. गिब्सन ने मुकेश चौधरी को आउट कर भारतीय पारी को समेटा.
आकिब नबी ने न्यूजीलैंड ए के टॉप ऑर्डर को किया तबाह
आकिब नबी ने इंडिया ए को शानदार आगाज देते हुए 13 के कुल स्कोर पर न्यूजीलैंड ए के तीन विकेट गिरा दिए. उन्होंने अपने दूसरे व पारी के तीसरे ओवर में दो शिकार किए. पहले कप्तान रीस मारियु (2) को बोल्ड किया. फिर टिम रॉबिनसन को खाता खोले बिना चलता कर दिया. अपने अगले ओवर में नबी ने मैथ्यू बायल (3) को भी बोल्ड करते हुए मेजबान टीम को घुटनों पर ला दिया. कर्टिस हीफी ने डीन फॉक्सक्रॉफ्ट के साथ मिलकर 78 रन जुटाते हुए पारी को संभालने की कोशिश की. विकेटों की कोशिश में भारतीय टीम ने शॉर्ट पिच गेंद की रणनीति अपनाई. इसी के जरिए मुकेश चौधरी ने फॉक्सक्रॉफ्ट को यश राठोड़ के हाथों कैच कराया.
न्यूजीलैंड ए ने 79 रन में गंवाए छह विकेट
इस विकेट ने इंडिया ए को फिर से मौका दे दिया. अंशुल कंबोज ने मिचेल हे (12) को कप्तान जुरेल के हाथों कैच कराया. क्रिस्टियन क्लार्क (3) वाशिंगटन सुंदर की फिरकी में फंसे. जुरेल ने पडिक्कल को भी गेंद थमाई. उन्होंने फ्रेजर शीट (11) और जाक गिब्सन (1) को बल्ले के बाहरी किनारे हासिल किए. दोनों ही बल्लेबाज पहली स्लिप में केएल राहुल के हाथों लपके गए. इससे स्कोर आठ विकेट पर 160 रन हो गया. आकाश दीप ने साइमन कीन (5) को बोल्ड करते हुए टीम को जीत के दरवाजे पर पहुंचा दिया. इससे उसके पांच विकेट 60 और छह 79 रन में गिर गए. अब जीत महज एक विकेट दूर थी.
भारत के लिए पहले अनाधिकारिक टेस्ट में यह रही अच्छी बात
भारतीय टेस्ट टीम के लिहाज से इस मुकाबले से अच्छी बात यह रही कि पडिक्कल के रन आए. उन्होंने पहली पारी में 32 रन बनाए थे और दूसरी में 199 रन की पारी खेली. उनके यह रन तब आए जब टीम मुसीबत में थी और ओपनिंग जोड़ी सस्ते में निपट गई थी. साई सुदर्शन ने भी दूसरी पारी में 91 रन बनाए और उन्होंने फॉर्म दर्शाई. गेंदबाजों में टेस्ट स्क्वॉड में शामिल अंशुल कंबोज ने मुकाबले में चार विकेट लिए तो आकाश दीप को तीन सफलता मिली.
भारतीय टेस्ट स्पेशलिस्ट बल्लेबाजों की फॉर्म ने बढ़ाई चिंता
केएल राहुल, यशस्वी जायसवाल और ध्रुव जुरेल के दोनों ही पारियों में रन नहीं आना भारत के लिहाज से चिंताजनक है. इन तीनों में से दो बल्लेबाज- राहुल व जुरेल दोनों पारियों में दहाई का आंकड़ा पार करने में नाकाम रहे. वहीं जायसवाल ने पहली पारी में 17 रन बनाए थे तो दूसरी में पांच रन बना सके. राहुल 0 और 4 के स्कोर पर आउट हुए तो जुरेल ने एक बार एक और दूसरी में दो रन बनाए. राहुल, जायसवाल और जुरेल तीनों भारतीय टेस्ट टीम का अभी अहम हिस्सा हैं.
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