भारतीय महिला क्रिकेट टीम की तेज गेंदबाज क्रांति गोड को महिला टी20 एशिया कप 2026 फाइनल के बाद सजा मिली है. उन्हें आईसीसी आचार संहिता की धारा 1 को तोड़ने का दोषी पाया गया. क्रांति गोड ने श्रीलंका के खिलाफ मुकाबले में विकेट लेने के बाद आक्रामक अंदाज में सेंड ऑफ (बल्लेबाज को जाने को कहना या संकेत करना) दिया. इसकी वजह से उन्हें सजा मिली.
क्रांति की 10 प्रतिशत मैच फीस काटी गई है. साथ ही एक डीमेरिट पॉइंट भी दिया गया है. यह उनका 24 महीनों की अवधि में पहला अपराध है. क्रांति ने फाइनल में श्रीलंका की पारी के पहले ओवर की चौथी गेंद पर इमेशा दुलानी को आउट किया था. इसके बाद हाथ से उन्हें पवेलियन की तरफ जाने का इशारा किया. यह आईसीसी की खिलाड़ियों व सपोर्ट स्टाफ के लिए बनी आचार संहिता की धारा 2.5 का उल्लंघन है. इसमें किसी बल्लेबाज के इंटरनेशनल मैच के दौरान आउट होने के बाद भाषा, क्रिया या हाव-भाव के जरिए उकसाना शामिल है.
लेवल एक के अपराध में आधिकारिक फटकार न्यूनतम सजा होती है जबकि एक या दो डिमेरिट पॉइंट व 50 प्रतिशत मैच फीस कटौती अधिकतम सजा रहती है.
फातिमा सना को भी मिली थी ऐसी सजा
कुछ दिन पहले इसी तरह की सजा पाकिस्तान की कप्तान फातिमा सना को मिली थी. उन्होंने भारत के खिलाफ मैच में शेफाली वर्मा को आउट करने के बाद इसी तरह का इशारा किया था. उन्हें भी इसी तरह की सजा आईसीसी से मिली थी.




