भारतीय टीम इंग्लैंड के साथ इकलौते टेस्ट में जीत के करीब पहुंच गई. लॉर्ड्स में तीसरे दिन के खेल के बाद उसे जीत के लिए चार विकेट चाहिए और इंग्लैंड लक्ष्य से 327 रन दूर है. उसे ड्रॉ कराने के लिए भी चौथे दिन का पूरा खेल झेलना होगा. भारत ने यस्तिका भाटिया (113) के पहले टेस्ट शतक के बूते सात विकेट पर 341 रन बनाने के बाद दूसरी पारी घोषित की. इससे इंग्लिश टीम को जीत के लिए 457 रन का लक्ष्य मिला. उसने दूसरी पारी में 130 रन पर छह विकेट गंवा दिए हैं.
लक्ष्य का पीछा करते हुए टैमी बोमोंट सबसे पहले आउट हुई. उन्हें क्रांति गोड ने उन्हें बोल्ड किया. यह बोमोंट की आखिरी टेस्ट पारी रही जिसमें वह गोल्डन डक पर आउट हुई. सायली सटघरे ने माया बूचियर (2) को एलबीडब्लयू कर वापस भेजा. स्नेह राणा ने नेट सिवर ब्रंट (11) को बोल्ड कर इंग्लैंड को झटका दिया. आखिरी टेस्ट खेल रही हेदर नाइट भी 13 रन बनाने के बाद क्रांति गोड की गेंद पर आउट हो जाती है. एलिस कैप्सी विकेटों के पतन को रोकने की कोशिश करती हैं. वह दो चौकों से 21 रन बनाने के बाद सटघरे की गेंद पर बोल्ड हो जाती है.
इस तरह से इंग्लैंड की आधी टीम 59 रन पर निपट जाती है. इसके बाद एमी जॉन्स और मैडी विलियर्स ने मिलकर पारी को संभाला. इन दोनों ने छठे विकेट के लिए 67 रन की साझेदारी करते हुए टीम को 100 के पार पहुंचाया. स्नेह ने विलियर्स को आउट कर भारत को छठी सफलता दिलाई. जॉन्स ने इस बीच मैच में लगातार दूसरा अर्धशतक लगाया.
भारत की ओर से यस्तिका का ऐतिहासिक शतक
इससे पहले भारत की ओर से यस्तिका ने शतक लगाया. उन्होंने 158 गेंद का सामना किया और 14 चौकों से 113 रन बनाए. स्मृति मांधना शतक बानने से चूक गई. वह 130 गेंद में नौ चौकों व एक छक्के से 70 रन बनाकर आउट हुई. उन्होंने पहली पारी में भी अर्धशतक बनाया था. निचले क्रम में ऋचा घोष ने भी अर्धशतक बनाया. इस बल्लेबाज ने 52 गेंद का सामना किया और आठ चौकों से नाबाद 50 रन बनाए. इंग्लैंड की ओर से बाएं हाथ की स्पिनर सॉफी एकलेस्टन ने पांच विकेट चटकाए.




