वर्ल्ड कप 2027 में एक साल का समय बचा है. भारतीय क्रिकेट टीम इसकी तैयारियों में लगी है. 15 खिलाड़ियों की स्क्वॉड में ज्यादातर नाम तय हो चुके हैं. बस कुछेक जगह खाली है और इसके लिए अलग-अलग नामों को आजमाया जा रहा है. एक जगह स्पिन बॉलिंग ऑलराउंडर की है. इसके लिए अक्षर पटेल और रवींद्र जडेजा में मुकाबला है. दोनों ही बाएं हाथ के बल्लेबाज और स्पिन गेंदबाज हैं. अक्षर अभी तक एक भी वर्ल्ड कप में भारत के लिए नहीं खेले हैं तो जडेजा तीन बार इस इवेंट में शामिल हो चुके हैं. अक्षर 2023 वर्ल्ड कप खेलने की रेस में थे मगर टूर्नामेंट से ठीक पहले एशिया कप के दौरान उन्हें चोट लगी और वे बाहर रह गए थे. मगर अबकी बार लग रहा है कि अक्षर का पलड़ा जडेजा पर भारी है. जानिए क्यों ऐसा लगता है कि साउथ अफ्रीका और जिम्बाब्वे जाने वाली टीम इंडिया टिकट जडेजा को नहीं मिल पाएगा.
भारत और वेस्ट इंडीज के बीच पहले वनडे के बाद जडेजा की जगह को लेकर स्पिन बॉलिंग सैराज बहुतुले से सवाल किया गया था. तब उन्होंने इस सीनियर ऑलराउंडर का बचाव किया था. उन्होंने कहा था, 'मेरे लिए वह (जडेजा) हमेशा से एक उपयोगी खिलाड़ी रहे हैं. वह ऐसे खिलाड़ी हैं जो बल्ले और गेंद, दोनों से योगदान दे सकते हैं. पिछले छह महीनों में एक गेंदबाज के तौर पर उन्होंने निश्चित रूप से सुधार किया है. मुझे लगता है कि उन्होंने श्रीलंका में टेस्ट मैचों में और अब पहले वनडे में भी बहुत अच्छी गेंदबाजी की है. लंबे समय बाद यह उनका पहला मैच था लेकिन उन्होंने अच्छा प्रदर्शन किया. अक्षर के भी टीम में होने से आने वाले महीनों में हम जिन सीरीज या टूर्नामेंट में खेलेंगे, उनमें हम यह तय कर पाएंगे कि कौन हमारे लिए उपयोगी साबित हो सकता है. लेकिन जड्डू अपनी बल्लेबाजी की काबिलियत और अपने अनुभव के साथ निश्चित रूप से अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं और मुझे यकीन है कि आने वाले समय में उन पर जरूर विचार किया जाएगा.'
रवींद्र जडेजा के आंकड़े वनडे में बिगड़े
मगर आंकड़ों को देखा जाए तो जडेजा पिछड़ते हुए दिख रहे हैं और अक्षर 2027 वर्ल्ड कप खेलने की रेस में आगे दिख रहे हैं. जडेजा को लगभग आठ महीने भारतीय वनडे टीम से बाहर रहने के बाद वेस्ट इंडीज सीरीज के जरिए फिर से खेलने का मौका मिला. तिरुवनंतपुरम में पहले वनडे में 10 ओवर डाले और 54 रन दिए. दूसरे वनडे में 10 ओवर में 75 रन खर्च किए मगर दो विकेट भी लिए. यह आठ मैच बाद पहला मौका था जब जडेजा ने एक वनडे में दो विकेट लिए. इससे पहले आखिरी बार ऐसा मार्च 2025 में चैंपियंस ट्रॉफी में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ ऐसा हुआ था. तब उन्होंने 40 रन देकर दो विकेट लिए थे. जडेजा के 2023 वर्ल्ड कप के बाद से वनडे गेंदबाजी के आंकड़ों को देखा जाए तो उन्होंने 15 मैच में 14 विकेट लिए हैं. साल 2025 में उन्होंने 10 मैच में 33.41 की औसत से 12 विकेट लिए थे. वहीं साल 2026 में पांच मैच में 135 की औसत के साथ दो विकेट लिए. इस साल उनकी इकॉनमी भी 6.27 की रही थी.
जडेजा के गुवाहाटी और दुबई में दो विकेट लेने के बीच के बॉलिंग आंकड़े इस तरह के थे- 54/0, 41/0, 44/0, 56/0, 50/1, 41/0, 66/0, 30/1. वेस्ट इंडीज सीरीज से पहले तीन मैच में वे अपने कोटे के पूरे 10 ओवर भी नहीं डाल पाए थे. वहीं वेस्ट इंडीज सीरीज से पहले के सात में से तीन वनडे में उनकी इकॉनमी छह रन प्रति ओवर से ज्यादा थी.
अक्षर ने साउथ अफ्रीका में तीन वनडे खेले हैं. इनमें 70 की औसत और 4.37 की इकॉनमी से एक विकेट लिया है. वहीं बैटिंग में दो पारियों में चार की औसत से आठ रन बनाए हैं. जडेजा ने साउथ अफ्रीका में 3 वनडे खेले हैं और उन्हें कोई विकेट नहीं मिला. इस दौरान 139 की औसत व 5.79 की इकॉनमी रही. बैटिंग में तीन पारियों में 27.5 की औसत व 85.93 की स्ट्राइक रेट से 55 रन बनाए.
37 साल के जडेजा के पक्ष में यह बात जा सकती है कि वे अक्षर की तुलना में बेहतर फील्डर हैं. लेकिन सिर्फ एक खूबी के चलते अक्षर की अनदेखी वर्तमान फॉर्म के आधार पर मुश्किल लगती है. भारत को अभी वेस्ट इंडीज सीरीज के बाद न्यूजीलैंड जाकर पांच वनडे खेलने हैं. फिर घर पर श्रीलंका व जिम्बाब्वे से वनडे सीरीज है. देखना होगा कि इनमें जडेजा और अक्षर में कौन खेलता है या दोनों ही खेलते हैं.
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