' भव‍िष्य का कप्तान', दलीप ट्रॉफी 2026 जीतने के बाद इशान किशन की वैभव सूर्यवंशी को लेकर भविष्यवाणी, Video

SportsTak

SportsTak

अपडेटेड:

google-icon
इशान किशन की कप्तानी में ईस्ट जोन ने 13 साल बाद दलीप ट्रॉफी का ख‍िताब जीता. (PC: Vaibhav Sooryavanshi Instagram)
इशान किशन की कप्तानी में ईस्ट जोन ने 13 साल बाद दलीप ट्रॉफी का ख‍िताब जीता. (PC: Vaibhav Sooryavanshi Instagram)

Story Highlights:

इशान किशन की कप्तानी में ईस्ट जोन ने 13 साल बाद दलीप ट्रॉफी का ख‍िताब जीता.

वैभव सूर्यवंशी ईस्ट जोन के उपकप्तान थे

इशान किशन की कप्तानी में ईस्ट जोन ने 13 साल के लंबे इंतजार के बाद दलीप ट्रॉफी 2026 का खिताब जीता. गुरुवार को चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम में खेले गए फाइनल में उन्होंने साउथ जोन को पहली पारी में 372 रनों की बड़ी बढ़त के आधार पर हराया. जहां कप्तान इशान ने फाइनल में कुल 350 रन (दो पारियों में 270 और 80 रन) बनाकर एक नया रिकॉर्ड बनाया.वहीं उनके डिप्टी वैभव सूर्यवंशी ने भी इस जीत में अहम भूमिका निभाई. 


र‍िव्यू के पीछे की सच्चाई 

इशान ने मुस्कुराते हुए कहा कि जब वह DRS लेने का फैसला करते थे तो वैभव हमेशा सही जगह पर मौजूद होते थे. भले ही वह पहले से ही DRS लेने का मन बना चुका होते थे, फिर भी वह दौड़कर उनके पास आते और कहते कि उन्हें कैमरों के सामने इसका फ़ैसला लेना चाहिए और सोशल मीडिया पर हर कोई कहने लगा कि अरे वाह वैभव ही तो वो इंसान है. सूर्यवंशी ने तुरंत मजाक में पूछा कि जब आप मैदान से बाहर होते थे, तब DRS लेने का फैसला कौन करता था?

इशान ने माना कि हां वह वैभव ही थे. शायद भविष्य के कप्तान? देखते हैं आगे क्या होता है. उन्होंने आगे कहा कि टीम में सूर्यवंशी का होना बहुत अच्छी बात है.ऐसा इसलिए है, क्योंकि एक बेहतरीन खिलाड़ी होने के साथ-साथ वह बहुत अच्छे इंसान भी हैं और टीम में सभी का ख्याल रखते हैं. यह एक ऐसी खूबी है जो उन्हें उनमें बहुत पसंद है और उम्मीद है कि भविष्य में वह कई टीमों का हिस्सा बनेंगे. 

'भारतीय क्रिकेटर्स गन्ना नहीं हैं', ICC से की गई कैलेंडर ठीक करने की मांग