इशान किशन आखिरकार दलीप ट्रॉफी 2026 के फाइनल में आउट हो गए. ईस्ट जोन के कप्तान तिहरा शतक बनाने से चूक गए. लेकिन साउथ जोन के खिलाफ उन्होंने कमाल की पारी खेली और सर्वोच्च निजी स्कोर के मामले में खास उपलब्धि हासिल की. इशान किशन 270 रन के स्कोर पर छक्का लगाने की कोशिश में आउट हुए. त्रिपूर्ण विजय की गेंद पर बाउंड्री के पास आर स्मरण के हाथों लपके गए. इशान किशन ने 334 गेंद का सामना किया और 30 चौके व सात छक्के लगाए. उनके तिहरे शतक से ईस्ट जोन की पहली पारी 708 रन के स्कोर पर समाप्त हुई.
इशान 250 रन बनाने के बाद रिटायर्ड हर्ट हो गए. वे सातवां विकेट गिरने के बाद फिर से बैटिंग को आए. इसके बाद उन्होंने 20 रन जोड़े. इशान के पास तब मौका था कि वे तिहरा शतक लगाते और शायद इस टूर्नामेंट में सर्वोच्च निजी स्कोर का रिकॉर्ड भी बनाते. इशान के लिए इसके लिए कोशिश भी की लेकिन सफलता नहीं मिली. वे पहले दिन के खेल में जब बैटिंग के लिए आए थे तब ईस्ट जोन का स्कोर तीन विकेट पर 147 रन था. उन्होंने फिर एक छोर थाम लिया और बाकी बल्लेबाजों के साथ मिलकर टीम को पहाड़ से स्कोर तक पहुंचा दिया. उन्हें शिखर मोहन (85), कुमार कुशाग्र (101), अनुकूल रॉय (45) और मोहम्मद कुनैन कुरैशी (40) का अच्छा साथ मिला.
इशान किशन ने जायसवाल-जडेजा को पीछे छोड़ा
इशान किशन ने 270 रन के स्कोर के साथ दलीप ट्रॉफी में आठवां सर्वोच्च निजी स्कोर बनाया. उन्होंने यशस्वी जायसवाल (265) और अजय जडेजा (264) को पीछे छोड़ा. इशान से ठीक आगे वीरेंद्र सहवाग (274), लालचंद राजपूत (275) और संजय मांजरेकर (278) ही रहे. इशान ने सिक्स के लिए जो शॉट खेला था अगर वह बाउंड्री पार कर जाता तो वह दलीप ट्रॉफी में सर्वोच्च निजी स्कोर के मामले में छठे स्थान पर पहुंच जाते. राजपूत और सहवाग उनसे पीछे हो जाते.
इशान किशन अपने सर्वोच्च फर्स्ट क्लास स्कोर से चूके
इशान फर्स्ट क्लास में अपना सर्वोच्च स्कोर का रिकॉर्ड तोड़ने से भी महज तीन रन पीछे रह गए. उन्होंने इस फॉर्मेट में 273 रन का स्कोर बना रखा है जो 2016 में रणजी ट्रॉफी में दिल्ली के खिलाफ बनाया था. तब उन्होंने 336 गेंद में 21 चौकों व 14 छक्कों से सजी पारी खेली थी.




