श्रीलंका ने इंग्लैंड को दूसरे वनडे में 16 रन से हराते हुए सीरीज में 1-1 से बराबरी हासिल कर ली. कप्तान कुसल मेंडिस की 121 रन की शतकीय पारी के बूते मेहमान टीम ने छह विकेट पर 321 रन का स्कोर बनाया. इसके जवाब में इंग्लिश टीम चार बल्लेबाजों के अर्धशतकों के बाद भी 305 रन ही बना सकी. उसने 102 रन में छह विकेट गंवा दिए जिससे मैच हाथ में आने के बाद भी निकल गया. श्रीलंकाई टीम ने आखिरी 15 ओवर के खेल में कमाल की वापसी की. श्रीलंका ने इससे पहले घर से बाहर इंग्लैंड को सात साल पहले हराया था. वह जीत भी हेडिंग्ले में ही मिली थी.
पहले बैटिंग करते हुए श्रीलंकाई टीम ने अच्छा आगाज किया और पाथुम निसंका (25) व कामिंडु मेंडिस (54) ने 45 रन की साझेदारी की. इसके बाद कामिंडु और कुसल के बीच 137 रन की पार्टनरशिप हुई. इससे श्रीलंकाई टीम ने बड़े स्कोर की तैयारी कर ली. कुसल ने सातवां वनडे शतक बनाया. उन्हें पवन रथनायके (48) और जनित लियानागे (32) का भी अच्छा साथ मिला.
इंग्लैंड के सामने 2018 के बाद पहली बार सर्वोच्च स्कोर
श्रीलंकाई कप्तान ने 100 गेंद का सामना किया और 14 चौकों व तीन छक्कों से 121 रन की पारी खेली. इससे श्रीलंका ने 321 का स्कोर बनाया. यह इंग्लैंड के खिलाफ वनडे में पहले बैटिंग करते हुए 2018 के बाद से सर्वोच्च स्कोर रहा. वहीं 2024 से अभी तक तीसरा ही 320 या इससे ज्यादा स्कोर था जो इंग्लिश टीम के सामने बना. इंग्लैंड की तरफ से छह बॉलर आजमाए गए. गस एटकिंसन और रेहान अहमद दो-दो विकेट के साथ सबसे सफल रहे.
इंग्लैंड ने आतिशी आगाज किया. बेन डकेट (67) और टॉम बैंटन (73) ने पहले विकेट के लिए 143 रन जोड़ते हुए श्रीलंका को बैकफुट पर धकेल दिया. दोनों ने तेजी से रन जुटाए. मगर 14 रन के अंदर तीन विकेट लेकर श्रीलंका ने अच्छी वापसी की. पहले दुनिथ वेल्लालागे ने डकेट और बैंटन को लगातार ओवर्स में आउट किया. फिर इंग्लिश कप्तान हैरी ब्रूक (1) को भी रवाना कर दिया.




