भारत के पूर्व क्रिकेटर मनजोत कालरा को मैच फिक्सिंग का ऑफर देने के आरोप में 31 जुलाई तक के लिए जेल भेज दिया गया. उन्हें 16 जुलाई को श्रीलंका पुलिस ने गिरफ्तार किया था. उन्हें 17 जुलाई को कोर्ट में पेश किया गया जहां से जेल भेजा गया. मनजोत कालरा पर आरोप है कि उन्होंने लंका प्रीमियर लीग में अपनी टीम जाफना किंग्स के तीन खिलाड़ियों को फिक्सिंग का ऑफर दिया. हालांकि उन्होंने इस आरोप से इनकार किया है. कालरा 2018 अंडर 19 वर्ल्ड कप जीतने वाली टीम इंडिया का हिस्सा थे. उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के सामने फाइनल में शतक बनाया था और प्लेयर ऑफ दी मैच रहे थे.
कालरा पर आरोप है कि उन्होंने जाफना किंग्स में शामिल तीन खिलाड़ियों भानुका राजपक्षा, डुनिथ वेल्लालागे और अविष्का फर्नान्डो को फिक्सिंग का ऑफर दिया. इन्हें मैच के नतीजे पर असर डालने के लिए 30 हजार अमेरिकी डॉलर का ऑफर दिया गया. इन तीनों खिलाड़ियों ने खेलों से जुड़े अपराधों को रोकने के लिए बनी स्पेशल इंवेस्टिगेशंस यूनिट को शिकायत की.
इसके बाद खिलाड़ियों से कहा गया कि वे कालरा से मोलभाव करें और फिक्सिंग के लिए 33 लाख रुपये मांगे. इसके बाद सौदे के लिए जगह तय हुई. यहां पर कालरा ने खिलाड़ियों को देने के लिए अपने एक साथी के जरिए कैश से भरा बैग मंगाया. इसके बाद पुलिस ने कालरा व उनके साथी को गिरफ्तार कर लिया.
मनजोत कालरा के वकील ने आरोपों का किया खंडन
पुलिस का कहना है कि उनके पास कालरा के खिलाफ सबूत के तौर पर फोन पर हुई बातचीत और वीडियो हैं. लेकिन कालरा के वकील ने इन आरोपों का खंडन किया. उनकी तरफ से कहा गया कि इसके बाद के कोई सबूत नहीं है कि उनके मुवक्किल ने रिश्वत की पेशकश की. लेकिन कोर्ट ने जमानत की दलील खारिज कर दी. कोर्ट ने कहा कि जमानत देने से जांच पर असर पड़ेगा. इसके बाद कालरा की तरफ से बयान जारी किया गया. इसमें कहा गया कि वह जांच में पूरी तरह से सहयोग कर रहे हैं और तथ्यों के जरिए वह अपनी बेगुनाही साबित करेंगे.




