मॉन्टी देसाई ने कनाडा की पुरुष टीम के हेड कोच का पद तीन महीने तक संभालने के बाद छोड़ दिया है. उनके जाने का यह फ़ैसला ऐसे समय में आया है जब कनाडाई क्रिकेट T20 वर्ल्ड कप के नतीजों और ICC के साथ चल रहे बड़े विवाद से जूझ रहा है. देसाई ने कनाडा के मुश्किल T20 वर्ल्ड कप कैंपेन के ठीक बाद मई में अंतरिम हेड कोच का पद संभाला था और दो क्रिकेट वर्ल्ड कप लीग 2 ट्राई-सीरीज में टीम की कमान संभाली थी. क्रिकेट कनाडा ने अब उनकी जगह लेने के लिए आवेदन मंगाए हैं और उम्मीदवार 28 अगस्त तक आवेदन कर सकते हैं.
देसाइर् ने उथल पुथल माहौल से किया किनारा
2019 में टीम के साथ काम करने के बाद कनाडा के साथ देसाई का यह दूसरा कार्यकाल था. उनकी वापसी तब हुई जब कनाडा T20 वर्ल्ड कप में अपने चारों मैच हार गया था और इसके बाद टीम के अभियान की ICC की एंटी-करप्शन यूनिट ने जांच शुरू कर दी थी. यह जांच कनाडा और न्यूजीलैंड के बीच हुए मैच से जुड़े आरोपों पर केंद्रित थी, जबकि साथ ही गवर्नेंस और ICC की मेंबरशिप शर्तों को पूरा करने के मामले में क्रिकेट कनाडा को लेकर भी चिंताएं सामने आईं.
कनाडा को फंड देना बंद
ICC ने मई में क्रिकेट कनाडा को फंड देना बंद कर दिया और बाद में उसकी एसोसिएट मेंबरशिप भी सस्पेंड कर दी. बोर्ड अभी भी सस्पेंड है और उसे दोबारा बहाल होने से पहले कुछ शर्तें पूरी करने को कहा गया है. मैदान पर कनाडा CWC लीग 2 की पॉइंट टेबल में छठे स्थान पर है और अभी चार मैच बाकी हैं. टॉप चार टीमें अगले साल होने वाले ODI वर्ल्ड कप क्वालिफ़ायर में जगह बनाएंगी. कनाडा के अगले मैच 9 अक्टूबर से ओमान में ओमान और नेपाल के खिलाफ होने हैं.
देसाई का कोचिंग करियर
देसाई कनाडा के साथ अपने दूसरे छोटे कार्यकाल के बाद जा रहे हैं, जबकि टीम अभी भी क्वालिफ़िकेशन की कोशिश में है और बोर्ड प्रशासन से जुड़े एक अनसुलझे संकट से जूझ रहा है. क्रिकेट कनाडा को अब एक नया कोच ढूंढना होगा और साथ ही अपने क्रिकेट सेटअप में कुछ स्थिरता लाने की कोशिश भी करनी होगी. देसाई ने अपना कोचिंग करियर राजस्थान रॉयल्स के साथ शुरू किया था. वह आंध्र प्रदेश रणजी टीम के हेड कोच भी रह चुके हैं. वह यूएई और वेस्ट इंडीज के बैटिंग कोच भी रह चुके हैं. वह नेपाल टीम के हेड कोच के रूप में भी काम कर चुके हैं.




