पूर्व भारतीय कप्तान और चेन्नई सुपर किंग्स (सीएसके) के दिग्गज खिलाड़ी एमएस धोनी आईपीएल में इम्पैक्ट प्लेयर के रूप में नहीं खेलना चाहते हैं, जिससे 2027 में होने वाले टूर्नामेंट में उनकी भागीदारी को लेकर बनी अनिश्चितता में एक और नया मोड़ आ गया है.सीएसके के पूर्व बल्लेबाज सुब्रमण्यम बद्रीनाथ ने यह खुलासा किया कि खुद धोनी ने इम्पैक्ट प्लेयर के रूप में ना खेलने की बात स्पष्ट की थी.बद्रीनाथ का मानना है कि 45 साल के धोनी के लिए उनके करियर के इस चरण में इम्पैक्ट प्लेयर की भूमिका उपयुक्त हो सकती है, क्योंकि उनकी बढ़ती उम्र को देखते हुए 20 ओवर तक विकेटकीपिंग करना आसान नहीं होगा.
लंबे समय तक खेलना मुश्किल
बद्रीनाथ ने कहा कि उनके लिए लंबे समय तक खेलना मुश्किल होगा जैसा कि (सीएसके के पूर्व मुख्य कोच स्टीफन) फ्लेमिंग ने भी कहा है. वे 16वें ओवर के बाद ही बल्लेबाजी करेंगे और विकेटकीपिंग करेंगे. जब उनकी भागीदारी इतनी कम है तो इम्पैक्ट प्लेयर के रूप में खेलना उनके लिए आइडियल स्थिति होगी.धोनी पिछले कुछ सीजन में फिटनेस संबंधी समस्याओं से जूझते रहे हैं और आईपीएल में उनके भविष्य को लेकर अटकलें जारी हैं.
बद्रीनाथ का मानना है कि इम्पैक्ट प्लेयर नियम धोनी पर काम का बोझ कम कर सकता है. इससे सीएसके उनके अनुभव और ‘फिनिशर’ के रूप में उनकी भूमिका का फायदा उठा सकता है.विकेटकीपर के रूप में खेलना जारी रखने की धोनी की प्राथमिकता का मतलब है कि सीएसके को अगले साल आईपीएल में उनकी भागीदारी पर फैसला करने के लिए इंतजार करना पड़ सकता है. चेन्नई सुपर किंग्स को पांच आईपीएल खिताब दिलाने वाले धोनी ने 2024 के सत्र से पहले कप्तानी छोड़ दी और तब से बल्लेबाज के रूप में भी उनकी भूमिका सीमित हो गई.




