2 साल से टीम इंडिया से बाहर सूरमा ने वापसी का ठोका दावा, दलीप ट्रॉफी में 11 विकेट लेकर चौंकाया

SportsTak

SportsTak

अपडेटेड:

google-icon
mukesh kumar
mukesh kumar

Story Highlights:

ईस्ट जोन की ओर से खेल रहे मुकेश कुमार 2023-24 में भारत की तीनों फॉर्मेट की टीम में थे.

मुकेश कुमार 2024 के बाद से भारत के लिए किसी फॉर्मेट में नहीं खेल पाए हैं.

भारतीय क्रिकेट टीम से दो साल से बाहर चल रहे तेज गेंदबाज मुकेश कुमार ने दलीप ट्रॉफी 2026 के जरिए फिर से दावा ठोका है. उन्होंने इस टूर्नामेंट में अभी तक 11 विकेट लिए हैं. ईस्ट जोन की ओर से खेल रहे मुकेश कुमार 2023-24 में भारत की तीनों फॉर्मेट की टीम में थे. मगर इसके बाद बाहर हुए और अब सेलेक्शन के दायरे में बहुत पीछे हो गए. प्रसिद्ध कृष्णा और गुरनूर बराड़ जैसे गेंदबाज उनसे काफी आगे निकल गए.

मुकेश ने दलीप ट्रॉफी 2026 के फाइनल में तीसरे दिन साउथ जोन के दो विकेट निकाले. उन्होंने दिन के खेल के बाद बताया कि यह सीजन उनके लिए काफी अहम है. मुकेश ने बताया, 'दलीप ट्रॉफी सीजन का पहला टूर्नामेंट है और हम अभी फाइनल खेल रहे हैं. इसकी तैयारी के लिए मैं बीसीसीआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में दलीप ट्रॉफी शुरू होने से चार दिन पहले ही आ गया था. मैं इस बात पर ध्यान दे रहा था कि किस तरह से बॉलिंग करनी है, लाल गेंद से अभ्यास और फिटनेस पर ध्यान था. उम्मीद है कि आगामी रणजी ट्रॉफी सीजन भी अच्छा जाए.'

मुकेश ने बताया कैसे साउथ जोन के बैटर्स को फंसाया

मुकेश ने सेमीफाइनल में सेंट्रल जोन पर ईस्ट जोन की जीत में अहम भूमिका निभाई थी. उन्होंने उस मुकाबले में सात विकेट लिए थे. बंगाल के लिए खेलने वाले इस पेसर ने फाइनल में देवदत्त पडिक्कल और नारायण जगदीशन जैसे बल्लेबाजों को अभी तक आउट किया है. उन्होंने इन्हें आउट करने के बारे में कहा, 'देवदत्त के सामने योजना थी की स्टंप्स की लाइन में बॉलिंग की जाए क्योंकि अगर मैं ऑफ साइड के बाहर गेंद डालता तो हमें पता है कि वह श्रीलंका में दो शतक लगाकर आ रहा है. इस तरह के विकेट्स पर अगर गेंद को थोड़ा सा भी दूर रखा जाता है तो रन बनते हैं. हमारी योजना थी कि तेज गेंदबाज होने के नाते निरंतर बने रहे और डॉट बॉल डालें.'

मुकेश कुमार ने बताई बॉलिंग की प्लानिंग

दलीप ट्रॉफी फाइनल में साउथ जोन के गेंदबाजों ने विकेट निकालने के लिए शॉर्ट पिच गेंदबाजी का सहारा लिया था. लेकिन ईस्ट जोन ने स्टंप्स को निशाने पर रखा. मुकेश ने इस बारे में कहा, 'मैंने यहां पर गेंद को ज्यादा फुल नहीं डाला. अगर मैं फुल डालता तो इससे कवर ड्राइव और ऐसे ही शॉट लगते. इसलिए लाल मिट्टी की इस पिच पर गेंद को थोड़ा पीछे रखना सही था. अगर गेंद को जोर से पटका जाता है और वह एकदम से उछलती है. साथ ही रिवर्स स्विंग हासिल करने की भी कोशिश थी.'