ऑस्ट्रेलिया और साउथ अफ्रीका के बीच तीन टेस्ट की सीरीज का पहला मैच 9 अक्टूबर से डरबन में शुरू हुआ. इसके साथ ही एक नई ओपनिंग जोड़ी ऑस्ट्रेलिया ने उतारी. मगर नतीजा वही रहा जो पिछले कुछ मैचों में रहा था. नाकामी. 10 साल फिर से टेस्ट मैच खेलने उतरे निक मेडिनसन 33 गेंद खेलने के बाद भी खाता नहीं खोल सके और मार्को यानसन के शिकार बन गए. गेंद उनके बल्ले से लगकर स्टंप्स बिखेर गई. यह 26 साल में किसी भी टेस्ट ओपनर का सबसे खराब प्रदर्शन रहा. इससे पहले साल 2000 में जिम्बाब्वे के ट्रेवर ग्रिपर वेस्ट इंडीज के सामने 36 गेंद खेलने के बाद भी खाता नहीं खोल सके थे. मेडिनसन ने 2016 में साउथ अफ्रीका के सामने ही टेस्ट डेब्यू किया था. तीन मैच खेलने के बाद वे बाहर कर दिए थे.
मेडिनसन का 33 गेंद में जीरो पर आउट होना एक टेस्ट पारी में किसी भी ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज का दूसरा सबसे खराब प्रदर्शन है. रिकॉर्ड माइक व्हाइटनी के नाम है जो 1981 में इंग्लैंड के खिलाफ 42 गेंद में बिना खाता खोले आउट हुए थे. मेडिनसन 18 महीने बाद फर्स्ट क्लास क्रिकेट खेल रहे थे. इससे पहले वे इस फॉर्मेट में आखिरी बार मार्च 2025 में खेले थे. टेस्टिकुलर कैंसर के चलते उन्हें खेल से दूरी बनानी पड़ी. उन्होंने कैंसर से उबरने के लिए सर्जरी कराई और नौ सप्ताह तक कीमोथैरेपी ली.
बीमारी से उबरने के बाद उन्होंने क्रिकेट में वापसी की. हाल ही में उन्होंने वनडे कप में शतक बनाया था. उन्हें हालांकि टेस्ट स्क्वॉड में लेने पर कई दिग्गजों ने सवाल उठाए थे. इनमें मैथ्यू हेड़न प्रमुख नाम रहे. मगर सेलेक्टर जॉर्ज बैली ने मेडिनसन की तरफदारी की थी. उनका कहना था कि जिस तरह के विकेट साउथ अफ्रीका में मिलने हैं उनके लिए यह बल्लेबाज कारगर रहेगा. पिछले 19 महीनों में मेडिनसन चोट व बीमारी की वजह से नहीं खेले. वह अच्छे बल्लेबाज हैं.
टेस्ट में बिना रन बनाए सर्वाधिक गेंद खेलकर आउट होने वाले सलामी बल्लेबाज
| बल्लेबाज | गेंद | विरोधी टीम | मैदान | साल |
| डैरिन मरे (न्यूजीलैंड) | 39 | श्रलंका | ड्यूनेडिन | 1995 |
| ट्रेवर ग्रिपर (जिम्बाब्वे) | 36 | वेस्टइंडीज | किंग्स्टन | 2000 |
| निक मेडिनसन (ऑस्ट्रेलिया) | 33 | दक्षिण अफ्रीका | डरबन | 2026 |
मेडिनसन को कैसे मिली ऑस्ट्रेलियाई टीम में जगह
मेडिनसन को साउथ अफ्रीका के खिलाफ टेस्ट सीरीज में पहले शामिल नहीं किया गया था. जब जॉश इंग्लिस और कैमरन ग्रीन को चोट लगी तब उन्हें जगह दी गई. ऑस्ट्रेलियाई टीम जनवरी 2024 में डेविड वॉर्नर के संन्यास के बाद से टेस्ट क्रिकेट में ओपनर्स को लेकर परेशान है. मेडिनसन 10वें सलामी बल्लेबाज और उनकी व ट्रेविस हेड की जोड़ी 11वीं ओपनिंग जोड़ी है जिसे पिछले 21 महीनों में ऑस्ट्रेलिया ने टेस्ट में आजमाया है. मगर नतीजा सिफर रहा. मेडिनसन और हेड पहले विकेट के लिए 17 रन जुटा सके.
मेडिनसन का डेब्यू भी जीरो के साथ हुआ
मेडिनसन ने नवंबर 2016 में एडिलेड में टेस्ट डेब्यू किया था. तब वे छठे नंबर पर बैटिंग को उतरे थे. अपनी पहली टेस्ट पारी में वे 12 गेंद खेलकर जीरो पर आउट हुए थे. कगिसो रबाडा ने उनके स्टंप्स बिखेरे थे. दूसरी पारी में उनकी बैटिंग नहीं आई. फिर मेडिनसन ने दिसंबर 2016 में पाकिस्तान के सामने दूसरा व तीसरा टेस्ट खेला. इसमें 1, 4 और 22 के स्कोर बनाए. मेडिनसन फिर बाहर कर दिए गए. उन्होंने घरेलू क्रिकेट में काफी रन बनाए. दिसंबर 2018 से मार्च 2024 के बीच उनकी फर्स्ट क्लास औसत 51.07 की थी. इस दौरान उन्हें ऑस्ट्रेलिया टीम में मौका नहीं मिल सका.
ऑस्ट्रेलिया ने उतारी 30 प्लस उम्र वालों की प्लेइंग इलेवन
ऑस्ट्रेलिया ने साउथ अफ्रीका के सामने पहले टेस्ट में जो प्लेइंग इलेवन उतारी उसमें एक भी खिलाड़ी 30 साल से कम का नहीं था. यह पहला मौका है जब उसने 30 प्लस के खिलाड़ियों की प्लेइंग इलेवन उतारी है. इस प्लेइंग इलेवन में 30 साल 163 दिन की उम्र के साथ रेनशॉ सबसे युवा नाम रहे. दिलचस्प बात है कि इस बल्लेबाज ने भी 2016 में एडिलेड टेस्ट से डेब्यू किया था. वे हाल ही में तीन साल बाद फिर से ऑस्ट्रेलियाई टेस्ट टीम में आए हैं.
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