इंग्लैंड और श्रीलंका के बीच तीसरे व आखिरी वनडे मुकाबले में पवन रथनायके को आउट दिया जाना काफी सुर्खियां बटोर रहा है. दी ओवल में हुए मुकाबले में जोफ्रा आर्चर के थ्रो पर श्रीलंकाई बल्लेबाज को रन आउट करार दिया गया. यह फैसला काफी मुश्किल और उलझन भरा रहा. मैदानी अंपायर ने पहले आउट दिया मगर जब फैसला थर्ड अंपायर के पास गया तो वहां पहले नॉट आउट फिर आउट कहा गया. इससे काफी उलझन हुई. थर्ड अंपायर को फैसला लेने में चार मिनट लग गए. माना जा रहा है कि इस मामले पर क्रिकेट के नियमों की व्याख्या करने वाली एमसीसी की तरफ से जवाब आएगा.
श्रीलंका की पारी के 15वें ओवर में स्पिनर लियम डॉसन की गेंद को चरित असलंका ने थर्ड मैन की तरफ खेला. शॉर्ट थर्ड मैन पर खड़े जोफ्रा आर्चर ने गेंद को रोका और तेजी से स्ट्राइक एंड की तरफ फेंका. गेंद लगने से स्टंप्स की एलईडी लाइट्स जब जली तब रथनायके क्रीज से बाहर थे. स्क्वेयर लेग पर खड़े अंपायर रॉब वाइट ने शुरुआत में श्रीलंकाई बल्लेबाज को आउट करार दिया. इसी बीच स्टैंडिंग अंपायर वेन नाइट्स के साथ बात के बाद उन्होंने मामले को थर्ड अंपायर एड्रियन हॉल्डस्टॉक के पास भेज दिया.
थर्ड अंपायर के रिप्ले में क्या सामने आया
रिप्ले में सामने आया कि आर्चर के थ्रो को पकड़ने के दौरान कीपर जॉर्डन कॉक्स के ग्लव्ज लगने से गिल्लियां बिखर गई थी. इसके बाद गेंद स्टंप्स पर लगी. दो मिनट तक रिप्ले देखने के बाद थर्ड अंपायर ने नॉट आउट करार दिया. इस बीच ड्रिंक्स ब्रेक हो गया. तब भी थर्ड अंपायर ने रिप्ले देखना जारी रखा. 90 सैकेंड का समय इसमें लगा और अबकी बार हॉल्डस्टॉक ने उन्हें आउट दिया. रथनायके को 18 के स्कोर पर वापस जाना पड़ा. हालांकि वह फैसले से सहमत नहीं थे.
एमसीसी के दो नियमों के तहत यह फैसला सही था. कीपर के ग्लव्ज से भले ही गिल्लियां गिर गई हों लेकिन आर्चर का थ्रो लगने के बाद ही स्टंप पूरी तरह से उखड़ा था. ऐसे में उनके थ्रो से ही विकेट गिरा.
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