भारत के पूर्व स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने आखिर खुलासा कर दिया है कि उन्होंने संजय मांजरेकर ने बात करना क्यों बंद कर दिया था.उन्होंने बताया है कि करियर की शुरुआत में मांजरेकर की तीखी आलोचना से उन्हें बहुत दुख हुआ था, लेकिन आखिरकार यह एक इंटरनेशनल क्रिकेटर के तौर पर उनके सफर का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट साबित हुआ. अश्विन ने माना कि ऑस्ट्रेलिया के अपने पहले दौरे के बाद जब मांजरेकर ने उनकी फ़िटनेस पर सवाल उठाए और कहा कि इससे उनकी बॉलिंग और फ़ील्डिंग दोनों पर असर पड़ रहा है तो वह परेशान हो गए थे.उस समय इन बातों से उन्हें गुस्सा आया और इसी वजह से उन्होंने कई सालों तक भारत के पूर्व बल्लेबाज से दूरी बनाए रखी.
आर्टिकल ने ज़िंदगी बदल दी
अश्विन ने बताया कि पढ़ने के बाद उन्हें गुस्सा आया, लेकिन उन्हें बहुत बुरा भी लगा. उन्होंने उस बात को जाने दिया. वह उनसे ज़्यादा बात भी नहीं करते थे. अगले चार सालों तक अश्विन ने बहुत मेहनत की, क्योंकि वह कोई जन्मजात एथलीट नहीं थे.फिर 2015 में मांजरेकर ने एक और आर्टिकल लिखा जिसमें कहा गया कि वह बहुत अच्छी बॉलिंग कर रहे हैं. तब अश्विन ने उनका नंबर मांगा और उन्हें मैसेज किया कि उस समय आपके आर्टिकल ने उनकी ज़िंदगी बदल दी थी.
अश्विन ने कहा कि वह हमेशा यह देखते हैं कि क्या आलोचना से कुछ सीखा जा सकता है.अश्विन ने बताया कि मांजरेकर की आलोचना ने उन्हें अपनी फिटनेस और ओवरऑल गेम पर लगातार काम करने के लिए प्रेरित किया, जिससे उन्हें दुनिया के बेहतरीन स्पिनरों में से एक बनने में मदद मिली.अश्विन ने भारत के सबसे कामयाब क्रिकेटरों में से एक के तौर पर इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास लिया. उन्होंने 287 इंटरनेशनल मैचों में 765 विकेट लिए, जिनमें टेस्ट में 537, वनडे में 156 और T20I में 72 विकेट शामिल हैं.इंटरनेशनल क्रिकेट में अनिल कुंबले के बाद वे भारत के लिए दूसरे सबसे ज़्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज बने.




