रमेश पोवार बने टीम इंडिया के सेलेक्टर, अगरकर की ली जगह, इन 4 सूरमाओं को पछाड़ा

Shakti Shekhawat

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रमेश पोवार. (Photo: Getty)
रमेश पोवार. (Photo: Getty)

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रमेश पोवार पहले भारतीय महिला क्रिकेट टीम के हेड कोच रह चुके हैं.

रमेश पोवार के पास दो टेस्ट और 31 वनडे मैच का अनुभव है.

48 साल के रमेश पोवार वेस्ट जोन से सेलेक्टर बने हैं.

रमेश पोवार भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम की सेलेक्शन कमिटी का हिस्सा बन गए. बीसीसीआई ने 19 अक्टूबर को यह जानकारी दी. पूर्व स्पिनर रमेश पोवार ने अजीत अगरकर की जगह ली. उनका कार्यकाल 4 अक्टूबर को समाप्त हो गया था. अब प्रज्ञान ओझा भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम के चीफ सेलेक्टर हैं. वे वर्तमान सेलेक्शन कमिटी में सबसे ज्यादा टेस्ट खेलने का अनुभव रखते हैं. इसी वजह से उन्हें चीफ सेलेक्टर की पोस्ट मिली है. उनके और पोवार के अलावा सेलेक्शन कमिटी में आरपी सिंह, अजय रात्रा और शिव सुंदर दास शामिल हैं.

बीसीसीआई ने बताया कि अशोक मल्होत्रा और जतिन परांपजे की सदस्यता वाली क्रिकेट एडवायजरी कमिटी (CAC) ने सर्वसम्मति से रमेश पोवार की नियुक्ति की सिफारिश की. इन्होंने बीसीसीआई हेडक्वार्टर में आवेदनों की जांच की और आवेदकों के इंटरव्यू लिए. पोवार ने भारत के लिए 2004 से 2007 के बीच दो टेस्ट और 31 वनडे मुकाबले खेले. उन्होंने 2015 में संन्यास ले लिया था. इसके बाद वह कोचिंग में रहे. वह भारतीय महिला क्रिकेट टीम, मुंबई और गुजरात के हेड कोच रहे हैं. साथ ही बीसीसीआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में बॉलिंग कोच रहे हैं. उनके कोच रहते भारतीय महिला टीम ने एशिया कप जीता और कॉमनवेल्थ गेम्स सिल्वर मेडल हासिल किया था. वे इस टीम के साथ बतौर दो अलग-अलग कार्यकाल में रहे

रमेश पोवार किस जोन से बने सेलेक्टर

48 साल के रमेश पोवार वेस्ट जोन से सेलेक्टर बने हैं. अगरकर की विदाई के बाद इसी जोन से सेलेक्टर की पोस्ट खाली हुई थी. प्रज्ञान साउथ जोन से आते हैं तो आरपी सिंह सेंट्रल, अजय रात्रा नॉर्थ और शिव सुंदर दास ईस्ट जोन से सेलेक्टर हैं. इनमें प्रज्ञान ने सबसे ज्यादा 24 टेस्ट खेले हैं. वे सितंबर 2025 में सेलेक्शन कमिटी का हिस्सा बने थे. आरपी ने 14, शिव सुंदर दास ने 23, रात्रा ने छह टेस्ट खेल रखे हैं. आरपी और प्रज्ञान साथ में सितंबर 2025 में ही सेलेक्शन कमिटी में आए थे.  इनमें से शिव सुंदर दास का चार साल का कार्यकाल दिसंबर 2026 में पूरा हो जाएगा. अभी तय नहीं है कि वे जारी रहेंगे या हटेंगे. एक दावा यह किया जा रहा है कि अगले वर्ल्ड कप तक उन्हें रखा जा सकता है.

बीसीसीआई के नियम के अनुसार सेलेक्शन कमिटी में जिसके पास सबसे ज्यादा टेस्ट का अनुभव होता है वही चीफ सेलेक्टर होता है. अगरकर के पास 26 टेस्ट का अनुभव था. उन्होंने बतौर चीफ सेलेक्टर चेतन शर्मा की जगह ली थी जिन्हें एक स्टिंग ऑपरेशन के चलते हटना पड़ा था.

समझा जाता है कि ये दोनों जाफर और पोवार के अनुभव के आगे पिछड़ गए. यह सामने नहीं आया कि जाफर की दावेदारी कहां पीछे रह गई. समझा जाता है कि बीसीसीआई अगले वर्ल्ड कप तक सेलेक्शन में निरंतरता चाहता है. इसी वजह से प्रज्ञान को कमांड में रखने का फैसला हुआ. जाफर के चुने जाने पर सेलेक्शन प्रोसेस में बदलाव हो सकता था. पहले पार्थिव पटेल के भी अप्लाई करने की खबरें आ रही थी. मगर इस पूर्व विकेटकीपर बल्लेबाज ने आवेदन नहीं किया. 

CAC ने पोवार-जाफर से क्या सवाल किए

एक रिपोर्ट में सामने आया कि CAC ने सेलेक्टर पद के आवेदकों से रोहित शर्मा के वनडे भविष्य, वैभव सूर्यवंशी को लेकर सवाल किए. उनसे पूछा गया कि रोहित शर्मा का वनडे में क्या भविष्य है, उनकी जगह लेने के कौन दावेदार हैं. वैभव सूर्यवंशी को भारतीय टी20 टीम की प्लेइंग इलेवन में क्यों जगह नहीं मिल पा रही. अगर शुभमन गिल चोटिल हो जाते हैं तो उनकी जगह कौन टीम की कप्तानी कर सकते हैं.

अगरकर की सेलेक्शन कमिटी से क्यों हुई विदाई

इससे पहले अगरकर ने अपने कार्यकाल का विस्तार नहीं मांगा था. वे जुलाई 2023 में चीफ सेलेक्टर बने थे. उन्हें 2025 में एक्सटेंशन दिया गया था. उनके कार्यकाल में भारतीय टीम ने 2024 व 2026 टी20 वर्ल्ड कप, 2025 चैंपियंस ट्रॉफी जीती थी. साथ ही 2023 वर्ल्ड कप का फाइनल खेला था. साथ ही शुभमन गिल के रूप में नए वनडे व टेस्ट कप्तान की नियुक्ति हुई. उन्होंने इस भूमिका में रोहित शर्मा की जगह ली थी. टी20 फॉर्मेट में पहले सूर्यकुमार यादव को कमान दी गई. फिर श्रेयस अय्यर को नेतृत्व दिया गया.

ऐसी जानकारी है कि रोहित शर्मा के वनडे भविष्य को लेकर अगरकर व बीसीसीआई के बीच मामला बिगड़ा. अगरकर चाहते थे कि टीम इंडिया के पूर्व कप्तान की जगह अब वनडे टीम में नहीं बनती. आगामी वर्ल्ड कप से पहले उनके रिप्लेसमेंट को तैयार किया जाना चाहिए. लेकिन बीसीसीआई नहीं चाहती थी कि रोहित पर बाहर जाने का दबाव बनाया जाए. इसके बाद अगरकर ने आगे एक्सटेंशन नहीं मांगा.

नई सेलेक्शन कमिटी के सामने क्या है चुनौती

प्रज्ञान ओझा के नेतृ्त्व वाली सेलेक्शन कमिटी के सामने बड़ी चुनौती 2027 वर्ल्ड कप की स्क्वॉड का चयन रहेगा. यह इवेंट अगले साल अक्टूबर-नवंबर में साउथ अफ्रीका, जिम्बाब्वे की मेजबानी में होगा. साथ ही इन पर रोहित शर्मा, विराट कोहली जैसे बड़े बल्लेबाजों के वनडे में विकल्प भी ढूंढ़ने होंगे. इसकी जरूरत 2027 वर्ल्ड कप के बाद पड़ने वाली है. 

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