राजस्थान हाई कोर्ट ने जयपुर में आईपीएल के आयोजन में आ रही सबसे बड़ी बाधा को हटाकर राजस्थान रॉयल्स को बड़ी राहत दी है. कोर्ट ने राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन (RCA) की एड-हॉक कमिटी को सस्पेंड कर दिया है, जिससे राज्य में क्रिकेट के कामकाज में आ रही एक बड़ी रुकावट दूर हो गई है. टाइम्स ऑफ इंडिया के अनुसार हाई कोर्ट ने राज्य के गृह विभाग के एडिशनल चीफ सेक्रेटरी भास्कर ए सावंत को एकमात्र एडमिनिस्ट्रेटर नियुक्त किया है और उन्हें निर्देश दिया है कि वे लंबे समय से लंबित चुनाव तीन महीने के भीतर पूरे करवाएं.
जयपुर में IPL के जारी रहने की संभावना भी मजबूत
न्यायिक बदलाव का राज्य के खेल जगत पर तुरंत सकारात्मक असर पड़ा है. संवैधानिक रूप से चुने गए पदाधिकारी एसोसिएशन के अधूरे पड़े प्रमुख 'चोनप स्टेडियम' प्रोजेक्ट पर काम फिर से शुरू कर पाएंगे. सालों से सवाई मानसिंह स्टेडियम के इस्तेमाल को लेकर विवाद और बहुत ज़्यादा किराए की वजह से स्थानीय क्रिकेट का विकास रुका हुआ था. सबसे अहम बात यह है कि हाई कोर्ट के आदेश से जयपुर में इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के जारी रहने की संभावना भी मजबूत हो गई है. RCA और राजस्थान राज्य खेल परिषद (RSSC) के बीच रिश्ते 2024 की शुरुआत में तब खराब हो गए थे, जब खेल परिषद ने MoU की समय-सीमा खत्म होने और लगभग 8 करोड़ रुपये के बकाया भुगतान के कारण स्टेडियम और RCA मुख्यालय को सील कर दिया था.
तीन महीने के अंदर चुनाव कराने के निर्देश
हालांकि BCCI ने बार-बार यह साफ किया है कि इस तरह के अस्थायी इंतजाम ज़्यादा समय तक नहीं चल सकते. IPL चेयरमैन अरुण सिंह धूमल ने कहा है कि जयपुर में IPL मैच तभी हो सकते हैं जब RCA सही तरीके से चुनाव कराए और लोकतांत्रिक ढंग से चुनी गई बॉडी बनाए, साथ ही यह भी पक्का करे कि वेन्यू IPL के स्टैंडर्ड्स के मुताबिक हो. फ्रेंचाइज भी इस सुविधा की तैयारियों का जायजा ले रही है. तीन महीने के अंदर चुनाव कराने के निर्देश के साथ एक पेशेवर एडमिनिस्ट्रेटर को नियुक्त करके हाई कोर्ट ने BCCI की मुख्य शर्त को सीधे तौर पर पूरा किया है. इससे इस बात की संभावना काफी बढ़ गई है कि रॉयल्स बिना किसी और प्रशासनिक अनिश्चितता के जयपुर में अपने घरेलू मैच खेलना जारी रख सकेंगे.




