विकेटकीपर बल्लेबाज ऋषभ पंत ने श्रीलंका क्रिकेट इलेवन के साथ प्रैक्टिस मैच की दूसरी पारी में काफी नाटकीय बैटिंग की. उन्होंने पहली पारी में सस्ते में निपटने के बाद दूसरी पारी में खाता खोलने के लिए 22 गेंद ली. ऋषभ पंत ने छक्के के साथ खाता खोला और इस तरह का शॉट लगाया कि गेंद मैदान से बाहर चली गई और खो गई. इससे पहले उन्होंने जो 21 गेंद खेली थी उनमें कोई भी स्कोरिंग शॉट नहीं था. ऋषभ पंत का यह बैटिंग का अनोखा तरीका रहा. इससे पहले कभी वे ऐसे नहीं खेले.
ऋषभ प्रैक्टिस मैच की दूसरी पारी में यशस्वी जायसवाल के रिटायर होने के बाद नंबर तीन पर बैटिंग के लिए उतरे. उन्होंने पहली पारी की तरह जल्दबाजी नहीं दिखाई. इससे उलट एकदम टेस्ट क्रिकेट अंदाज में खेल दिखाया. उनके सामने स्पिनर्स बॉलिंग कर रहे थे और आमतौर पर ऋषभ ऐसे बॉलर्स के सामने आक्रामक अंदाज रखते हैं. वे बड़े शॉट्स के लिए जाते हैं और जोखिम उठाने से पीछे नहीं हटते. लेकिन श्रीलंका क्रिकेट इलेवन के सामने उन्होंने ऐसा कुछ नहीं किया. उन्होंने रमेश मेंडिस, केशारा नुवांता जैसे स्पिनर्स के सामने डिफेंस पर जोर दिया. इस दौरान श्रीलंकाई स्पिनर्स भारतीय बल्लेबाज को किसी तरह से परेशान नहीं कर सके.
ऋषभ पंत ने छक्के से खोला खाता और खो गई गेंद
ऋषभ भारतीय पारी के 16वें ओवर में बैटिंग के लिए उतरे थे. उन्होंने अपना खाता 21वें ओवर में खोला. नुवांता की गेंद को उन्होंने क्रीज से बाहर निकलकर लेग साइड में हवाई यात्रा पर भेज दिया. गेंद मैदान से बाहर गई और खो गई. अंपायर्स को नई गेंद मंगानी पड़ी. इसके बाद भी उनके अगले रन चौके के जरिए आया. उन्होंने अपना पहला सिंगल 33वीं गेंद पर लिया. पंत ने बाद में दो छक्के और लगाए.
ऋषभ पंत ने क्यों की धीमी बैटिंग
ऋषभ 68 गेंद में 28 रन बनाकर आउट हुए. नुवांता को उनका विकेट लिया. पंत गेंद को उड़ाते हुए बाउंड्री के पास लपके गए. लेकिन इस विकेटकीपर बल्लेबाज ने दूसरी पारी की बैटिंग के जरिए दिखाया कि वह धीमी बल्लेबाजी भी कर सकते हैं. पहली पारी में उनके आउट होने के तरीके पर सवाल उठाए गए. कहा गया था कि वह जिम्मेदारी से नहीं खेलते. इसी का जवाब उन्होंने दूसरी पारी की बैटिंग के जरिए दिया.




