पाकिस्तान क्रिकेट की मुश्किलें खत्म होती नहीं दिख रहीं. हाल में उन्हें मेजबान इंग्लैंड के खिलाफ तीनों टेस्ट मैचों में हार का सामना करना पड़ा. लॉर्ड्स में खेले गए दूसरे टेस्ट के बाद उन्होंने सात खिलाड़ियों के साथ-साथ टेस्ट कोच सरफराज अहमद और बॉलिंग कोच उमर गुल को भी घर वापस भेज दिया. लॉर्ड्स टेस्ट की किसी भी पारी में बल्लेबाजी ना करने वाले इमाम उल हक पर चोट का बहाना बनाने का आरोप भी लगा. पिछले महीने दूसरे टेस्ट के दौरान और उसके बाद काफी ड्रामा हुआ.
दो तरह की पेनल्टी
ICC की एक मीडिया रिलीज में कहा गया कि बर्मिंघम में इंग्लैंड के खिलाफ तीसरे और आखिरी ICC वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप मैच के दौरान स्लो ओवर-रेट बनाए रखने के लिए पाकिस्तान पर दो तरह की पेनल्टी लगाई गई हैं.एजबेस्टन टेस्ट (जिसे इंग्लैंड ने आठ विकेट से जीता) में समय की छूट को ध्यान में रखने के बाद भी पाकिस्तान की टीम तय ओवरों से 11 ओवर पीछे रही. इसके नतीजे के तौर पर टीम पर उनकी मैच फीस का 50 प्रतिशत जुर्माना लगाया गया और चल रहे वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप साइकल में उनके 11 पॉइंट काट लिए गए.
इसमें आगे कहा गया कि इसका मतलब है कि वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप स्टैंडिंग में पाकिस्तान की स्थिति और खराब हो गई है और टीम अब 4.63 पॉइंट प्रतिशत के साथ नौवें स्थान पर है.खिलाड़ियों और प्लेयर सपोर्ट स्टाफ के लिए ICC कोड ऑफ कंडक्ट के आर्टिकल 2.22 (जो मिनिमम ओवर-रेट से जुड़े नियमों के उल्लंघन के बारे में है) के अनुसार तय समय में ओवर न फेंक पाने पर हर ओवर के लिए खिलाड़ियों पर उनकी मैच फ़ीस का पांच प्रतिशत जुर्माना लगाया जाता है, जिसकी अधिकतम सीमा मैच फ़ीस का 50 प्रतिशत है. इसके अलावा ICC वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप की प्लेइंग कंडीशंस के आर्टिकल 16.11.2 के अनुसार हर कम ओवर के लिए टीम पर एक पॉइंट की पेनल्टी लगाई जाती है. नतीजतन पाकिस्तान के कुल पॉइंट्स में से 11 वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप पॉइंट्स काट लिए गए हैं.




