वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) के पॉइंट टेबल में भारत के पांचवें स्थान पर खिसकने के बाद टीम मैनेजमेंट और नेशनल सेलेक्टर्स के सामने एक व्यस्त शेड्यूल है. वे इस साइकिल के बचे हुए दो टेस्ट असाइनमेंट नवंबर में न्यूजीलैंड के खिलाफ और अगले साल 21 जनवरी से शुरू होने वाली ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पांच टेस्ट मैचों की बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी की तैयारी कर रहे हैं.
स्पिन के खिलाफ भारतीय बल्लेबाजों का प्रदर्शन खराब
BCCI के सोर्स का कहना है कि पिछले दो सालों में घरेलू मैदान पर स्पिन के खिलाफ भारतीय बल्लेबाजों का प्रदर्शन बहुत अच्छा नहीं रहा है. गिल ने सुझाव दिया कि अगर कुछ बल्लेबाजों को ऑस्ट्रेलिया 'A' के खिलाफ खेलने का मौका मिले और मैचों के दौरान पिचें थोड़ी टर्न लें, तो इससे उन्हें BGT की तैयारी में मदद मिलेगी. जाहिर है कि BGT को ध्यान में रखते हुए ऑस्ट्रेलिया 'A' की टूरिंग टीम को ऐसी पिचें नहीं दी जाएंगी जो बहुत ज़्यादा टर्न लें, लेकिन अगर मैच में बाद में पिचें थोड़ी टर्न लें तो कोई नुकसान नहीं होगा.
रिजर्व पूल से खिलाड़ियों को पड़ सकता चुनना
सोर्स ने आगे कहा कि शेड्यूल के साथ समस्या यह है कि 'A' मैच के लिए बहुत कम टेस्ट खिलाड़ी उपलब्ध होंगे. वरना ईरानी कप के लिए 'रेस्ट ऑफ इंडिया' टीम उतनी मजबूत नहीं होगी, जितनी चयनकर्ता चाहते हैं और इससे मैच के स्तर पर असर पड़ सकता है. ऑस्ट्रेलिया 'A' के ख़िलाफ दो चार-दिवसीय रेड-बॉल मैच 22-25 सितंबर और 29 सितंबर-2 अक्टूबर के बीच होने हैं. ईरानी कप 1-5 अक्टूबर तक श्रीनगर में खेला जाएगा. कई प्रमुख T20I खिलाड़ियों के एशियन गेम्स के लिए जाने के कारण चयनकर्ताओं को वेस्ट इंडीज के ख़िलाफ 27 सितंबर से शुरू होने वाली तीन मैचों की वनडे सीरीज़ के लिए अपने रिजर्व पूल से खिलाड़ियों को चुनना पड़ सकता है. यह भी पता चला है कि एशियन गेम्स में मुख्य कोच की भूमिका निभाने वाले वीवीएस लक्ष्मण ने दल के लिए रहने की व्यवस्था को लेकर चिंताओं के बीच इवेंट के लिए चार अतिरिक्त नेट बॉलर्स की मांग की है.
BCCI में तालमेल की कमी
BCCI की ऑपरेशन्स टीम आमतौर पर CoE, भारतीय टीम मैनेजमेंट और सेलेक्टर्स के साथ मिलकर शेड्यूल बनाती है. यह तालमेल तब आम बात हो गई थी, जब राहुल द्रविड़ भारत की डवलपमेंटल टीमों और पहले की नेशनल क्रिकेट एकेडमी (जो अब CoE है) के इंचार्ज थे.हालांकि सोर्स का कहना है कि सीजन के मैच तय करने में भारतीय टीम मैनेजमेंट शामिल नहीं था.BCCI ने हाल में हुए श्रीलंका दौरे की योजना बनाते समय तैयारी के लिए पर्याप्त समय की गिल की मांग को माना था, लेकिन मौजूदा शेड्यूल की वजह से गिल और टीम मैनेजमेंट के लिए न्यूज़ीलैंड दौरे और BGT की तैयारी करना मुश्किल हो गया है.




