स्मृति मांधना ने किसे डेडिकेट की सेंचुरी? सबसे ज्यादा इंटरनेशनल रन बनाने के बाद बोलीं- मेरे मन में ऐसा कोई खास व्यक्ति नहीं है जिसे...

SportsTak

SportsTak

अपडेटेड:

google-icon
स्मृति मांधना ने 64 गेंदों में 124 रन बनाए. (PC: Getty)
स्मृति मांधना ने 64 गेंदों में 124 रन बनाए. (PC: Getty)

Story Highlights:

स्मृति मांधना ने 64 गेंदों में 124 रन बनाए.

मांधना इंटरनेशनल क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन बनाने वाली महिला बल्लेबाज बन गई हैं.

हरमनप्रीत कौर की अगुआई वाली भारतीय टीम हांगकांग के खिलाफ 137 रन से जीत के साथ महिला एशिया कप के सेमीफाइनल में पहुंच गई है. इस मैच में स्मृति मांधना ने रिकॉर्डतोड़ पारी खेली. भारतीय ओपनर ने 64 गेंदों पर 124 रन बनाए, जिससे उनकी टीम ने पांच विकेट पर 193 रन का स्कोर खड़ा किया. इसके बाद हांगकांग की टीम 16.2 ओवर में 56 रन पर ऑलआउट हो गई. मांधना का यह T20 इंटरनेशनल में दूसरा शतक था और ऐसा करने वाली वह इकलौती भारतीय महिला खिलाड़ी बन गईं.

महिला क्रिकेट में सबसे ज़्यादा इंटरनेशनल शतक लगाने के मामले में वह मेग लैनिंग से भी आगे निकल गईं.अब उनके नाम सभी फॉर्मेट्स में कुल 18 शतक हैं. पारी के दौरान वह महिला इंटरनेशनल क्रिकेट में सबसे ज़्यादा रन बनाने वाली खिलाड़ी के तौर पर मिताली राज से भी आगे निकल गईं. 

परिवार दिल के सबसे करीब

अपनी ऐतिहासिक पारी के बावजूद मांधना ने माना कि उन्हें उन रिकॉर्ड्स के बारे में पता नहीं था जो उन्होंने तोड़े थे.अपने रिकॉर्ड-तोड़ प्रदर्शन के बारे में पता चलने पर मांधना ने कहा कि मुझे नहीं पता था कि ये सब हुआ है. जब उनसे पूछा गया कि वह यह शतक किसे समर्पित करेंगी तो प्लेयर ऑफ द मैच ने कहा कि उनका परिवार उनके दिल के सबसे करीब है. उन्होंने कहा कि मेरे मन में कोई खास व्यक्ति नहीं है, जिसे मैं इसे समर्पित करना चाहूं, लेकिन निश्चित रूप से मेरा परिवार ही है. 

कैसे किया हांगकांग की गेंदबाजी का सामना?


मांधना ने यह भी बताया कि उन्होंने हांगकांग की गेंदबाजी का सामना कैसे किया, जबकि उन्होंने पहले कभी उस टीम का सामना नहीं किया था. उन्होंने कहा कि उन्हें विरोधी टीम के बारे में ज़्यादा जानकारी नहीं थी.उन्होंने कुछ वीडियो देखे थे, लेकिन असल में उन्हें ज़्यादा पता नहीं था. मांधना ने कहा कि वह लोग उनके ख़िलाफ पहली बार खेल रहे थे, इसलिए जब आप ऐसे बॉलर का सामना करते हैं जिसके बारे में आपको ज़्यादा जानकारी नहीं है, तो आपको यह भूल जाना चाहिए कि आपने पहले कैसी क्रिकेट खेली है. आपको बस मैदान पर जाना है, बॉल को देखना है और उन्हें लगता है कि असल बात बॉल की रफ़्तार के हिसाब से खुद को ढालने की थी.