स्मृति मांधना भारतीय कप्तान के तौर पर हरमनप्रीत कौर की जगह लेने के लिए तैयार हैं. मांधना ने साफ़ कर दिया है कि जब भी मौका मिलेगा, वह हरमनप्रीत कौर की जगह लेने के लिए तैयार हैं. भारत की उप-कप्तान ने टीम की कप्तानी करने की अपनी काबिलियत पर भरोसा जताया है. पिछले दशक में भारतीय महिला क्रिकेट की अहम खिलाड़ियों में से एक बनकर उभरीं बाएं हाथ की ओपनर मांधना का मानना है कि हरमनप्रीत की डिप्टी के तौर पर बिताए सालों ने उन्हें कप्तानी की अतिरिक्त ज़िम्मेदारी के लिए तैयार किया है.
हां, बिल्कुल. मैं तैयार हूं.
वनडे में अजेय
29 साल की मांधना ने भारत के लिए 18 T20I और चार वनडे मैचों में कप्तानी की है और दोनों फ़ॉर्मेट में कुल 15 मैच जीते हैं. जिन चार ODI मैचों में उन्होंने कप्तानी की है, उनमें भारत अजेय रहा है. पिछले कुछ सालों में मांधना भारत की सबसे भरोसेमंद बल्लेबाजों में से एक से आगे बढ़कर ऐसी लीडर बन गई हैं जो मुश्किल और दबाव वाले हालात में टीम को संभाल सकती हैं. कई सालों तक उप-कप्तान रहने के कारण उन्हें फैसले लेने और टीम को संभालने का अच्छा अनुभव मिला है.
हरमनप्रीत की गैर-मौजूदगी में उन्होंने अक्सर यह ज़िम्मेदारी निभाई है. मांधना का यह बयान भारत के इंग्लैंड दौरे के ठीक बाद आया हैं, जो लॉर्ड्स में खेले गए महिलाओं के पहले टेस्ट मैच में ऐतिहासिक जीत के साथ खत्म हुआ. भारत ने लॉर्ड्स में ऐतिहासिक टेस्ट 270 रन से जीता. अपनी पहली पारी में 285 रन बनाने के बाद भारत ने दूसरी पारी में सात विकेट पर 341 रन बनाकर पारी घोषित की और फिर इंग्लैंड को 170 और 186 रनों पर ऑल-आउट करके इतिहास रच दिया.




