सूर्यकुमार यादव ने माना है कि जब उन्हें भारत की T20I योजनाओं से बाहर किया गया तो वे हैरान रह गए थे. उन्होंने बताया कि वे 2028 के लॉस एंजिलिस ओलिंपिक और उसी साल होने वाले अगले T20 वर्ल्ड कप में टीम की कप्तानी करने की तैयारी कर रहे थे. जून में आयरलैंड और इंग्लैंड सीरीज के लिए टीम से बाहर करने से कुछ समय पहले ही सेलेक्टर्स ने सूर्यकुमार को इस बारे में बताया था. 35 साल के खिलाड़ी ने कहा कि इस फैसले ने उन्हें पूरी तरह चौंका दिया, खासकर तब जब उन्होंने इस साल मार्च में घरेलू मैदान पर टीम को T20 वर्ल्ड कप का खिताब जिताया था.
टीम ऐलान से दो- तीन दिन पहले मिली थी जानकारी
सूर्यकुमार ने आगे कहा कि उन्होंने नहीं सोचा था कि ऐसा 2026 में होगा. उन्हें लग रहा था कि वह इस टीम को ओलिंपिक, एक और T20 वर्ल्ड कप और फिर आगे एक और चुनौती अगले दो साल तक आगे ले जाने की तैयारी कर रहे हैं. सूर्या ने बताया कि टीम की घोषणा से दो-तीन दिन पहले चयनकर्ताओं ने उन्हें फोन किया. उन्होंने कहा कि उन्हें लगता है कि अब आगे बढ़ने का समय आ गया है. उन्होंने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी, क्योंकि यह उनका स्वभाव नहीं है. जो भी फैसला लिया गया, उन्हें लगा होगा कि यह टीम के हित में है. आपने फैसला लिया, उन्हें बताया, इसमें कोई बुराई नहीं है.
सूर्यकुमार ने खुद को भारत के प्रमुख T20 खिलाड़ियों में से एक के तौर पर स्थापित किया था. नवंबर 2022 में वे ICC रैंकिंग में नंबर एक स्थान पर भी पहुंचे थे. 2024 T20 वर्ल्ड कप के बाद रोहित शर्मा के T20I से संन्यास लेने पर उन्होंने पूर्णकालिक रूप से कप्तानी संभाली. उनकी कप्तानी में भारत ने 50 पूरे हुए T20I मैचों में से 42 जीते और पुरुषों का T20 वर्ल्ड कप खिताब बचाने वाली पहली टीम बनी, साथ ही घरेलू मैदान पर इसे जीतने वाली पहली टीम भी बनी.




