जिसे भारत के खिलाफ मिली ऑस्ट्रेलिया की कप्तानी, उसने शतक ठोक 432 के लक्ष्य को बनाया खिलौना, रचा इतिहास

Shakti Shekhawat

Shakti Shekhawat

अपडेटेड:

तस्मानिया का शेफील्ड शील्ड में कमाल.
तस्मानिया का शेफील्ड शील्ड में कमाल.

Story Highlights:

तस्मानिया को जीत के लिए 432 रन का लक्ष्य मिला था और उसने इसे 10 गेंद बाकी रहते हासिल कर लिया.जेरॉड फ्रीमैन ने गुरिंदर संधु को छक्का लगाकर टीम को जीत दिलाई.

तस्मानिया ने शेफील्ड शील्ड टूर्नामेंट इतिहास का अपना सर्वोच्च लक्ष्य हासिल करते हुए क्वींसलैंड पर तीन विकेट की रोमांचक जीत हासिल की. तस्मानिया को जीत के लिए 432 रन का लक्ष्य मिला था और उसने इसे 10 गेंद बाकी रहते हासिल कर लिया. इस जीत के नायक मैथ्यू वेड (105), ब्यू वेबस्टर (70), चार्ली वाकिम (56), ब्रेडली हॉप (48) और जेरॉड फ्रीमैन (47) रहे जिन्होंने कमाल की पारियां खेलीं. हॉप और फ्रीमैन के बीच आठवें विकेट के लिए 75 रन की अटूट साझेदारी की. फ्रीमैन ने गुरिंदर संधु को छक्का लगाकर टीम को जीत दिलाई. यह इस सीजन में तस्मानिया की दूसरी ही जीत रही.

तस्मानिया ने इस जीत के साथ मार्च 1996 में वेस्टर्न ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ हासिल किए 402 रन के लक्ष्य को पीछे छोड़ा. तब डेविड बून की 152 रन की पारी के चलते तस्मानिया चार विकेट से जीता था. 1892-93 से शेफील्ड शील्ड आयोजित हो रही है और तब से यह छठे सबसे बड़े लक्ष्य का सफल पीछा है. रिकॉर्ड क्वींसलैंड के नाम है जिसने 2014 में साउथ ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पांच विकेट पर 471 रन बनाकर जीत दर्ज की थी.  

 

 

 

हॉप-फ्रीमैन ने पूरा किया काम

 

वेबस्टर 70 रन बनाने के बाद माइकल नेसर की गेंद पर आउट हो गए. यह विकेट 352 के स्कोर पर गिरा. फिर माइकल ओवन (4) भी चलते बने. इससे तस्मानिया के हाथों से मैच फिसलता हुआ दिखा. लेकिन हॉप और फ्रीमैन ने मिलकर असंभव सा लग रहा काम आसान कर दिया. दोनों ने एकसमान पांच चौके व एक छक्का लगाया. इस मैच से पहले हॉप का सर्वोच्च फर्स्ट क्लास स्कोर नाबाद 27 रन था. 
 

ये भी पढ़ें

वर्ल्ड कप 2023 में भारत के भरोसे बाबर आजम की किस्मत, इस काम के लिए पाकिस्तान को चाहिए होगी मदद
IND vs ENG: वर्ल्ड कप में शुभमन गिल का डब्बा गोल! 4 मैचों से बल्ले में लगी है जंग, फुटवर्क और क्लास दोनों धड़ाम
Virat Kohli Duck: विराट कोहली इंग्लैंड की साजिश में फंसे, 9 गेंद में बिना खाता खोले आउट, वर्ल्ड कप इतिहास में पहली बार नाम हुआ जीरो