इंडिया ए और श्रीलंका ए के बीच त्रिकोणीय सीरीज के मुकाबले के दौरान 15 जून को काफी हंगामा हुआ. इस मुकाबले के टाई होने के बाद पहले सुपर ओवर को लेकर बवाल हुआ और फिर बात-बात पर झगड़ा होता ही रहा. हर बार इंडिया ए के कप्तान तिलक वर्मा की अंपायर्स के साथ बहस हुई. इसके चलते मैच में बाधा पड़ी. इंडिया ए को इस मैच में सुपर ओवर में सात रन से हार मिली. उसे जीत के लिए 16 रन का टारगेट मिला था. लेकिन सुपर ओवर खेलने गए वैभव सूर्यवंशी और सूर्यांश शेडगे नौ ही रन बना सके.
जब सुपर ओवर के लिए टीम इंडिया मैदान में पहुंच गई तब फिर से बहस की स्थिति बन गई. श्रीलंकाई बल्लेबाज देरी से बैटिंग के लिए उतरे. इससे करीब 10 मिनट का समय खराब हुआ. इससे तिलक नाराज हो गए. उन्होंने इस बारे में अंपायर्स से शिकायत की. अरशद खान की ओर से फेंके गए सुपर ओवर की दूसरी गेंद को अंपायर ने लेग साइड में वाइड दिया. इससे भारतीय टीम सहमत नहीं दिखी. उनकी अंपायर्स से लंबी बहस हुई. तिलक इस दौरान भी काफी नाखुश थे.
जब अरशद खान की गेंद को नो बॉल दे दिया गया तब भी तिलक वर्मा गुस्सा हो गए. दरअसल अरशद की गेंद को मैदानी अंपायर ने कमर की ऊंचाई के हिसाब से नो बॉल नहीं दिया था. ऐसे में भारतीय टीम पवेलियन चली गई. लेकिन थर्ड अंपायर ने नो बॉल कहा और इससे भारतीय खेमा बिफर गया. तिलक की बाउंड्री के पास चौथे अंपायर से तीखी बातचीत हुई. इस दौरान इंडिया ए टीम का सपोर्ट स्टाफ भी मौजूद रहा. इसमें काफी समय खराब हुआ. बाद में वैभव सूर्यवंशी ने बीच में आकर तिलक को शांत किया और फील्डिंग को भेजा.
सुपर ओवर की समाप्ति के बाद फिर से तिलक और अंपायर्स आमने-सामने हो गए. इस बार विवाद लाइट को लेकर था. भारतीय कप्तान का कहना था कि अंधेरा काफी हो चुका है. हालांकि अंपायर्स ने लाइट मीटर के जरिए जांचा और माना कि खेल हो सकता है. ऐसे में तिलक को खेलने के लिए मजबूर होना पड़ा.


