दलीप ट्रॉफी 2026 में वेस्ट जोन ने अपने दो गेंदबाजों के दम पर नॉर्थ जोन को सस्ते में समेट दिया. बेंगलुरु में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में खेले गए मैच में तनुष कोटियन और तुषार देशपांडे के चार-चार विकेटों के आगे नॉर्थ जोन की टीम 251 रन पर ढेर हो गई. यह तो भला हो अंशुल कंबोज का जिन्होंने नौवें नंबर पर आकर 60 रन की पारी खेली. अगर ऐसा नहीं होता तो टीम और भी कम स्कोर पर निपट जाती. नॉर्थ जोन ने एक समय 161 रन पर सात विकेट गंवा दिए थे.
कोटियन ने बॉ़लिंग का आगाज किया और उन्होंने 72 रन देकर आयुष डोसेजा, कन्हैया वधावन, अंशुल कंबोज और अर्शदीप सिंह के विकेट लिए. लेकिन नॉर्थ जोन की बैटिंग को तबाह करने में देशपांडे की मुख्य भूमिका रही. उन्होंने मिडिल ऑर्डर को बिखेर दिया. दाएं हाथ के इस पेसर ने ओपनर कामरान इकबाल, आयुष बडोनी, अब्दुल समद और आबिद मुश्ताक के विकेट लिए. एक-एक सफलता शार्दुल ठाकुर और मुकेश चौधरी को मिली.
कोटियन टीम इंडिया में सेलेक्शन में सारांश से पिछड़े
ऑफ स्पिनर कोटियन को हाल ही में श्रीलंका दौरे के लिए भारतीय टेस्ट टीम में चयन के दौरान अनदेखी झेलनी पड़ी थी. उनकी जगह 33 साल के सारांश जैन को वरीयता दी गई. कोटियन इससे पहले 2024 में ऑस्ट्रेलिया दौरे पर आर अश्विन के रिटायर होने पर टीम इंडिया का हिस्सा बने थे. मगर तब उन्हें खिलाया नहीं गया था. कोटियन ने नॉर्थ जोन के सामने प्रदर्शन से काबिलियत फिर से दर्शाई है.
चौथे नंबर पर बॉलिंग को आकर देशपांडे ने मचाई धूम
वहीं तुषार देशपांडे पिछले कुछ समय में चोटों से जूझते रहे हैं. कप्तान ऋतुराज गायकवाड़ ने उन्हें चौथे नंबर पर बॉलिंग दी. फरवरी 2026 के बाद उन्होंने फर्स्ट क्लास मैच खेलते हुए नॉर्थ जोन के बल्लेबाजों को पूरी तरह से बैकफुट पर धकेल दिया. इससे रणजी ट्रॉफी विजेता जम्मू कश्मीर के खिलाड़ियों से सजी टीम बड़ा स्कोर बनाने में नाकाम रही. कंबोज के 60 रन के अलावा बडोनी ने 51 रन की पारी खेली तो डोसेजा ने 42 रन बनाए. जम्मू कश्मीर का कोई बल्लेबाज 26 रन से आगे नहीं जा सका.




