कौन हैं तंजीद हसन जिन्होंने ऑस्ट्रेलिया में शतक बनाकर रचा इतिहास, कभी पिता ने क्रिकेट खेलने पर घर से निकाला था

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तंजीद हसन बांग्लादेश के बल्लेबाज हैं. (Photo: Getty)
तंजीद हसन बांग्लादेश के बल्लेबाज हैं. (Photo: Getty)

Story Highlights:

25 साल के तंजीद पहली बार ऑस्ट्रेलिया के सामने टेस्ट खेले हैं और पहली ही बारी में शतक जड़ दिया.

तंजीद दूसरे ही बांग्लादेशी बल्लेबाज हैं जिन्होंने ऑस्ट्रेलिया के सामने टेस्ट शतक लगाया है.

तंजीद 2020 में अंडर 19 वर्ल्ड कप जीतने वाली बांग्लादेशी टीम का हिस्सा थे.

बांग्लादेश के बल्लेबाज तंजीद हसन ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पहले टेस्ट में शतक लगाया. उन्होंने डार्विन टेस्ट की पहली पारी में 101 रन की पारी खेली. तंजीद हसन का यह करियर का पहला टेस्ट शतक है. साथ ही वे ऑस्ट्रेलिया में टेस्ट सैकड़ा लगाने वाले भी पहले बांग्लादेशी बल्लेबाज बने. उन्होंने 197 गेंद का सामना किया और आठ चौके व एक छक्का लगाया.

25 साल के तंजीद पहली बार ऑस्ट्रेलिया के सामने टेस्ट खेले हैं और पहली ही बारी में शतक जड़ दिया. इससे बांग्लादेश ने डार्विन टेस्ट में अपनी स्थिति को मजबूत से बहुत मजबूत कर लिया. तंजीद ने करियर के दूसरे ही टेस्ट में शतक बनाया है. उन्होंने मई 2026 में पाकिस्तान के सामने सिलहट में टेस्ट डेब्यू किया था. इसमें 30 रन बनाए थे. वे बांग्लादेश की ओर से 40 वनडे और 53 टी20 इंटरनेशनल मैच खेल चुके हैं. इन दोनों फॉर्मेट में वे कदम जमा चुके थे. अब टेस्ट में भी अपनी काबिलियत दिखा दी.

तंजीद ऑस्ट्रेलिया के सामने शतक लगाने वाले दूसरे ही बांग्लादेशी

तंजीद दूसरे ही बांग्लादेशी बल्लेबाज हैं जिन्होंने ऑस्ट्रेलिया के सामने टेस्ट शतक लगाया है. इससे पहले 2006 में शहरयार नफीस ने ऐसा किया था. वहीं ऑस्ट्रेलियाई धरती पर तंजीद से पहले हन्नान सरकार 76 रन के साथ सर्वोच्च टेस्ट स्कोर वाले बांग्लादेशी बल्लेबाज थे. 

कभी क्रिकेट खेलने पर घर से निकाले गए

तंजीद 2020 में अंडर 19 वर्ल्ड कप जीतने वाली बांग्लादेशी टीम का हिस्सा थे. वे सभी मैच खेले थे और टीम को खिताब जिताने में अहम भूमिका निभाई थी. तंजीद को कभी क्रिकेट की वजह से घर से निकाल दिया गया था. उन्होंने बांग्लादेशी अखबार को बताया था कि उनके पिता खेल में लगे रहने से खुश नहीं थे. वे चाहते थे कि पढ़ाई पर ध्यान दिया जाए. लेकिन वह लगातार क्रिकेट खेलते थे. एक बार जब वह खेलकर घर लौटे तो पिता ने उन्हें डांट लगाई और घर से निकाल दिया. बाद में मां की मदद से पिता को मनाया और फिर पलटकर नहीं दिखा.