भारतीय बल्लेबाज यस्तिका भाटिया ने इंग्लैंड के सामने इकलौते टेस्ट में शतक लगाकर इतिहास रच दिया. उन्होंने लॉर्ड्स में हो रहे मुकाबले के तीसरे दिन सैकड़ा जड़ा. यस्तिका भाटिया ने 113 रन की पारी खेली जिसमें 14 चौके शामिल रहे. यह उनका पहला टेस्ट शतक भी रहा. साथ ही वह लॉर्ड्स के ऐतिहासिक मैदान पर शतक लगाने वाली पहली महिला बल्लेबाज बन गईं. यहां पर पहली बार टेस्ट हुआ है और इसी में भारतीय बल्लेबाज ने कमाल कर दिया.
यस्तिका तीसरे नंबर पर बैटिंग को आई थी. पहली पारी में 12 रन की नाकामी को भुलाते हुए उन्होंने शानदार बैटिंग की. बाएं हाथ की इस बल्लेबाज ने स्मृति मांधना के साथ दूसरे विकेट के लिए 73 रन की साझेदारी की. फिर दीप्ति शर्मा के साथ पांचवें विकेट के लिए 52 रन जुटाए. यस्तिका ने 86 गेंद में अर्धशतक पूरा किया और 145 गेंद में शतक पूरा किया. वह छठे विकेट के रूप में आउट हुई तब तक टीम इंडिया 400 रन से ऊपर की बढ़त ले चुकी थी.
यस्तिका के नाम शतक से पहले थी महज एक फिफ्टी
यस्तिका ने इससे पहले तीन टेस्ट खेले थे जिनमें 66 रन उनका सर्वोच्च स्कोर था. यह स्कोर भी इंग्लैंड के सामने आया था जो दिसंबर 2023 में बना था. यस्तिका ने दूसरी बार टेस्ट मे 50 रन का आंकड़ा पार किया और इसमें शतक बनाकर इतिहास बनाया.
यस्तिका दिग्गजों के क्लब में हुई शामिल
यस्तिका भारत की ओर से लॉर्ड्स में टेस्ट शतक लगाने वाली बाएं हाथ की दूसरी बल्लेबाज हैं. उनसे पहले सौरव गांगुली ने 1996 में ऐसा किया था. वह उनका डेब्यू टेस्ट था. गांगुली ने 131 रन की पारी खेली थी. यस्तिका इस मैदान पर टेस्ट शतक लगाने वाली आठवीं भारतीय हैं. उनके अलावा वीनू मांकड़ (1952), गुंडप्पा विश्वनाथ (1979), दिलीप वेंगसरकर (1979, 1981 व 1986), रवि शास्त्री (1990), मोहम्मद अजहरुद्दीन (1990), गांगुली (1996) और अजीत अगरकर (2002) ऐसा कर चुके हैं. पिछले 24 साल में यस्तिका पहली भारतीय हैं जिन्होंने लॉर्ड्स में शतक लगाया है.




