क्या टीम इंडिया टी20 वर्ल्ड कप को डिफेंड कर पाएगी, रवि शास्त्री ने दे दिया जवाब, इन खिलाड़ियों का लिया नाम

क्या टीम इंडिया टी20 वर्ल्ड कप को डिफेंड कर पाएगी, रवि शास्त्री ने दे दिया जवाब, इन खिलाड़ियों का लिया नाम
अभिषेक शर्मा और सूर्यकुमार यादव (photo: getty)

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रवि शास्त्री ने बड़ा बयान दिया है

शास्त्री ने कहा कि भारतीय टीम टाइटल डिफेंड कर सकती है

भारत को अपना टी20 वर्ल्ड कप का खिताब घरेलू मैदान पर बचाने के लिए अब बस एक हफ्ते से थोड़ा ज्यादा समय बचा है. अब तक न तो कोई मौजूदा चैंपियन कभी अपना टाइटल डिफेंड कर पाया है, और न ही कोई मेजबान देश ने यह ट्रॉफी कभी जीती है. लेकिन अगले हफ्ते भारत और श्रीलंका में शुरू होने वाले इस टी20 वर्ल्ड कप में टीम इंडिया दोनों इतिहास बदलने की कोशिश करेगी. पूर्व भारतीय कोच रवि शास्त्री को पूरा भरोसा है कि मेन इन ब्लू के पास गहराई और संतुलन इतना अच्छा है कि वे खिताब बचा सकते हैं.

क्या बोले रवि शास्त्री?

रवि शास्त्री ने कहा कि, "जैसे जसप्रीत बुमराह हैं, हार्दिक पंड्या हैं. जो अभी जबरदस्त फॉर्म में हैं और बल्ले गेंद दोनों से योगदान दे सकते हैं. शिवम दुबे भी अच्छा कर रहे हैं''.  मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, वॉशिंगटन सुंदर शायद टीम में जगह नहीं बना पाएंगे, जबकि तिलक वर्मा न्यूजीलैंड सीरीज के बाद भारतीय टीम में शामिल होंगे.

तिलक के आने से टीम मजबूत होगी

शास्त्री का मानना है कि तिलक का वापस आना पहले से ही टीम को और मजबूत बनाएगा. "भारत को उम्मीद होगी कि तिलक वर्मा फिट हो जाएं, क्योंकि वो शानदार खिलाड़ी हैं. वो लेफ्ट-हैंडर हैं, तो टॉप ऑर्डर में उनका होना फर्क डाल सकता है. मुझे लगता है स्पिन का रोल बहुत अहम होगा. और भारत के पास स्पिन में भरपूर हथियार हैं. चक्रवर्ती हैं, अक्षर पटेल हैं, कुलदीप यादव हैं. भारत इस बार खिताब बचा सकता है." लेकिन शास्त्री ने घरेलू मैदान पर टाइटल डिफेंड करने की मानसिक चुनौती पर भी जोर दिया. उन्होंने पुरानी नाकामियों का जिक्र करते हुए कहा कि टी20 में मैच पलक झपकते ही हाथ से निकल सकता है.

भारत पर होगा दबाव

शास्त्री ने अंत में कहा कि, "जब आप टाइटल डिफेंड कर रहे हों और घर में खेल रहे हों, तो प्रेशर आता है. वो भी अचानक कहीं से. टी20 में अगर 10-15 मिनट खराब हो गए, तो मैच का नतीजा बदल सकता है. और ज्यादातर बार प्रेशर की वजह से ही वो 10-15 मिनट खराब हो जाते हैं." उन्होंने आगे कहा कि, इसलिए ये देखना होगा कि भारत उस प्रेशर को कैसे हैंडल करता है, खासकर टूर्नामेंट की शुरुआत कैसे करता है. अगर शुरुआत अच्छी रही, तो रास्ते में कोई हिचकिचाहट आए भी तो बैटिंग में इतनी गहराई है कि टीम खुद को संभाल लेगी."