जिम्बाब्वे पहली टीम है जिसकी घर वापसी पश्चिम एशिया में युद्ध के चलते अटक गई. टी20 वर्ल्ड कप 2026 में उसका सफर समाप्त हो चुका है लेकिन खिलाड़ियों को भारत में ही रहना पड़ेगा. अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच युद्ध के चलते खाड़ी देशों का एयरस्पेस बंद कर दिया गया है. इसकी वजह से उधर से गुजरने वाली फ्लाइट्स बंद हैं. अभी तय नहीं है कि जिम्बाब्वे की टीम घर कब जाएगी. उसने सुपर 8 में अपना आखिरी मैच 1 मार्च को साउथ अफ्रीका से खेला. इसमें पांच विकेट से हार मिली.
टी20 वर्ल्ड कप के आयोजक टीमों को उनके घर भेजने के लिए वैकल्पिक रास्ते तलाश रहे हैं. ESPNcricinfo की रिपोर्ट के अनुसार, जिम्बाब्वे की टीम को अलग-अलग टुकड़ों में घर जाना था. इनमें से कुछ को 2 मार्च को सुबह साढ़े चार बजे ही निकलना था. बाकी के दोपहर में जाते. उन्होंने वापसी के लिए एमिरेट्स फ्लाइट्स बुक की थी. इसके जरिए वे दिल्ली से दुबई होते हुए हरारे जाते. अब दूसरा रास्ता तलाशा जा रहा है.
जिम्बाब्वे के हेड कोच जस्टिन सैमंस ने घर वापसी को लेकर कहा, 'जब हमने मैच शुरू किया था तब तक कोई स्पष्टता नहीं थी. मैंने कुछ सुना नहीं है.'
पाकिस्तान की टीम 28 फरवरी को टूर्नामेंट से बाहर हुई थी. वह श्रीलंकन एयरलाइंस के जरिए कोलंबो से लाहौर चली गई. आईसीसी ने युद्ध छिड़ने के बाद कहा था कि खिलाड़ियों की सुरक्षित वापसी के लिए काम चल रहा है. इसके लिए वैकल्पिक रास्ते तलाशे जा रहे हैं. एक डेस्क भी इस काम के लिए बनाई गई है.

